नयी दिल्ली, 30 अक्तूबर (भाषा) शादी-ब्याह के सीजन की शुरुआत के साथ ही दिल्ली में करीब 4.8 लाख शादियों से लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड व्यापार होने की उम्मीद है। कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के एक अध्ययन यह कहा गया है।
अध्ययन के अनुसार, इस दौरान बाजारों में भारत निर्मित वस्तुओं का दबदबा रहने की संभावना है।
व्यापारिक संगठन कैट की रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसायटी (सीआरटीडीएस) शाखा ने कहा कि इस साल शादियों का सीजन एक नवंबर से 14 दिसंबर तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ दृष्टिकोण को दर्शाएगा।
कैट के अध्ययन के अनुसार, अनुमान है कि शादी से जुड़ी 70 प्रतिशत से अधिक खरीदारी भारतीय निर्मित वस्तुओं की होगी, जिनमें आभूषण, परिधान, सजावट का सामान, बर्तन और खानपान की चीजें शामिल हैं।
कैट के महासचिव और चांदनी चौक के सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा, “75 प्रमुख शहरों में किए गए अध्ययन से पता चलता है कि भारत की शादी अर्थव्यवस्था घरेलू व्यापार के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक बनी हुई है, जो परंपरा, आधुनिकता और आत्मनिर्भरता का समन्वय प्रस्तुत करती है।”
कैट के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष देश के कुल विवाह कारोबार में अकेले दिल्ली का योगदान लगभग 27.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिसमें मुख्य व्यय आभूषण, फैशन और स्थल बुकिंग पर केंद्रित होगा।
भाषा योगेश अजय
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