(फाकिर हसन)
जोहानिसबर्ग, 28 अक्टूबर (भाषा) दक्षिण अफ्रीका को करीब तीन साल बाद वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की संदिग्ध (ग्रे) सूची से बाहर निकलने में सफलता मिली है।
वैश्विक धन शोधन और आतंकवादी वित्तपोषण निगरानी संस्था ने पिछले सप्ताह पेरिस में अपनी तीन दिवसीय पूर्ण बैठक के समापन के बाद इस निर्णय की घोषणा की।
एफएटीएफ की संदिग्ध सूची में शामिल देशों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है और ऐसे देशों को धन शोधन, आतंकवादी वित्तपोषण आदि का मुकाबला करने के लिए रणनीतिक कमियों को दूर करना होता है।
दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘गत 32 महीनों में, दक्षिण अफ्रीका ने कार्य योजना की प्रगति का आकलन करने के लिए एफएटीएफ द्वारा नियुक्त समीक्षकों की एक टीम के साथ काम किया है।’’
बयान के मुताबिक, ‘‘इस सहयोग की वजह से जुलाई 2025 के अंत में समीक्षकों ने मौके का मुआयना किया। इस दौरान समीक्षक सुधारों की स्थिरता की पुष्टि करने के लिए यहां आए और उनके द्वारा तैयार रिपोर्ट एफएटीएफ के समक्ष प्रस्तुत की गई।’’
बयान में कहा गया कि एफएटीएफ को आश्वासन दिया गया कि सरकार धन शोधन निरोधक और आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने (एएमएल/सीएफटी) वाली प्रणाली में स्थायी सुधार के लिए प्रतिबद्धता है।
हालांकि, वित्त मंत्रालय ने एफएटीएफ की संदिग्ध सूची में वापस शामिल किए जाने से बचने के लिए किसी भी तरह की लापरवाही के प्रति आगाह भी किया है।
एफएटीएफ ने दक्षिण अफ्रीका के अलावा नाइजीरिया, मोजाम्बिक और बुर्किना फासो को भी अपनी संदिग्ध सूची से हटा दिया है।
भाषा धीरज अविनाश
अविनाश
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