वाशिंगटन, 23 अक्टूबर (भाषा) भारतीय-अमेरिकी लेखक और सुरक्षा विशेषज्ञ पॉल कपूर ने अमेरिकी विदेश विभाग में दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो के नए सहायक सचिव के रूप में आधिकारिक तौर पर शपथ ली है।
बुधवार देर रात ब्यूरो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से उनके शपथ ग्रहण करने की घोषणा की।
पोस्ट में कहा गया, ‘‘सहायक सचिव पॉल कपूर का स्वागत है! आज सुबह डॉ. कपूर को दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो के सहायक सचिव के रूप में आधिकारिक रूप से शपथ दिलाई गई।’’
सहायक सचिव के रूप में कपूर भारत, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, किर्गिस्तान, कजाकिस्तान, मालदीव, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान में अमेरिका की कूटनीतिक भागीदारी तथा रणनीतिक साझेदारी से जुड़े मामलों को देखेंगे।
वह डोनाल्ड लू का स्थान लेंगे, जो 2021 से इस पद पर कार्यरत थे।
कपूर का जन्म नयी दिल्ली में एक भारतीय पिता और अमेरिकी माँ के यहाँ हुआ था। उन्होंने अमेरिकी नौसेना के स्नातकोत्तर विद्यालय में राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के विभाग में प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। वह स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के हूवर इंस्टिट्यूशन में ‘विजिटिंग फेलो’ हैं।
वर्ष 2020 से 2021 तक कपूर ने विदेश विभाग के नीति नियोजन स्टाफ में कार्य किया, और दक्षिण एवं मध्य एशिया, हिंद-प्रशांत रणनीति तथा अमेरिका-भारत संबंधों से संबंधित मुद्दों पर काम किया।
उन्होंने दक्षिण एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा परिवेश, परमाणु अस्त्र प्रसार, प्रतिरोध और इस्लामी चरमपंथ पर कई पुस्तकें लिखी हैं।
अपनी पुस्तक ‘जिहाद एज ग्रैंड स्ट्रैटेजी: इस्लामिस्ट मिलिटेंसी, नेशनल सिक्योरिटी एंड द पाकिस्तानी स्टेट’ में कपूर ने लिखा है कि पाकिस्तान द्वारा जिहाद का उपयोग किया जाना देश की अस्थिरता की वजह से नहीं, बल्कि यह जानबूझकर बनाई गई एक सरकारी रणनीति है।
कपूर ने एमहर्स्ट कॉलेज से स्नातक और शिकागो विश्वविद्यालय से पीएचडी की है।
भाषा नेत्रपाल मनीषा
मनीषा
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