(अदिति खन्ना)
लंदन, 20 अक्टूबर (भाषा)यूरोपीय परिषद ने सोमवार को यूरोपीय आयोग द्वारा पूर्व में घोषित ‘नए रणनीतिक यूरोपीय संघ-भारत एजेंडा’ के निष्कर्षों को मंजूरी दे दी। उसने साथ ही यूरोपीय संघ और भारत के बीच संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए दिये जा रहे ‘मजबूत प्रोत्साहन’का स्वागत किया।
बेल्जियम स्थित परिषद, जो 27 सदस्यीय आर्थिक समूह की समग्र राजनीतिक दिशा और प्राथमिकताओं के लिए जिम्मेदार है। उसने वर्ष के अंत तक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को संपन्न करने के लिए दोनों पक्षों के प्रयासों पर प्रकाश डाला।
इस सप्ताह एजेंडे के निष्कर्षों में संयुक्त संचार, समृद्धि और स्थिरता, प्रौद्योगिकी और नवाचार, सुरक्षा और रक्षा, संपर्क और वैश्विक मुद्दों सहित यूरोपीय संघ-भारत संबंधों को प्रगाढ़ करने के इसके उद्देश्य का समर्थन किया गया।
यूरोपीय परिषद ने एक बयान में कहा, ‘‘परिषद विशेष रूप से एक संतुलित, महत्वाकांक्षी, पारस्परिक रूप से लाभकारी और आर्थिक रूप से सार्थक मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के प्रयासों का स्वागत करती है, जिसे यूरोपीय आयोग और भारत सरकार वर्ष के अंत तक अंतिम रूप देना चाहते हैं।’’
बयान के मुताबिक, ‘‘ऐसे समझौते में बाजार तक पहुंच बढ़ाना, व्यापार बाधाओं को दूर करना तथा सतत विकास के प्रावधान शामिल होने चाहिए।’’
यूरोपीय परिषद ने कहा कि आपसी विश्वास और सम्मान के सिद्धांतों पर आधारित सुरक्षा और रक्षा मामलों पर यूरोपीय संघ और भारत के बीच घनिष्ठ सहयोग, तेजी से जटिल होते भू-राजनीतिक परिदृश्य की पृष्ठभूमि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
बयान में कहा गया,‘‘परिषद सुरक्षा और रक्षा साझेदारी की स्थापना की दिशा में काम करने की मंशा पर ध्यान केंद्रित करती है, जो उचित होने पर रक्षा औद्योगिक सहयोग में भी सहायक बन सकती है।’’
इसमें कहा गया है कि यूरोपीय संघ ‘‘यूक्रेन के खिलाफ रूस के आक्रामक युद्ध’’ के सभी पहलुओं पर भारत के साथ बातचीत जारी रखेगा।
भाषा धीरज दिलीप
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