बेंगलुरु, 16 अक्टूबर (भाषा) कर्नाटक मंत्रिमंडल ने पेरिफेरल रिंग रोड (पीआरआर) को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी और इसका नाम बदलकर ‘बेंगलुरु बिजनेस कॉरिडोर’ (बीबीसी) कर दिया।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने कहा कि तुमकुरु से इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक 117 किलोमीटर लंबे पीआरआर के लिए पूर्व में अधिसूचना जारी की गई थी लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं किया गया।
बेंगलुरु विकास विभाग (बीडीपी) का प्रभार संभाल रहे शिवकुमार ने कहा, ‘‘पिछली सरकारें इसे छोड़ देना चाहती थीं और अब एक वैकल्पिक सड़क की जरूरत है। हमने सोचा था कि कोई भी सड़क गैर-अधिसूचित नहीं होगी।’’
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं था लेकिन सरकार ने भूमि गवाने वालों को मुआवजा देने के उपाय किए हैं।
अधिसूचना 100 मीटर सड़क के लिए है लेकिन इसकी चौड़ाई केवल 65 मीटर होगी। शेष 35 मीटर हिस्सा भूमि गवाने वाले लोगों को व्यावसायिक गतिविधियां करने के मकसद से वापस कर दिया जाएगा।
शिवकुमार ने कहा, ‘‘किसानों को मुआवजे के तौर सड़क की 35 प्रतिशत जमीन का हिस्सा वापस दिया जाएगा। अगर कोई इसे आवासीय उद्देश्य के लिए चाहता है तो हम 40 प्रतिशत देंगे।’’
शिवकुमार के अनुसार, इस सड़क पर टोल टैक्स लगेगा और एक सर्विस रोड भी होगी।
इस परियोजना की लागत लगभग 27 हजार करोड़ रुपये है और सरकार इसके लिए ऋण लेगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नयी मुआवजा नीति के बाद परियोजना की लागत 10 हजार करोड़ रुपये कम हो सकती है। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए शहर के उत्तरी हिस्से में 1,800 एकड़ भूमि की आवश्यकता हो सकती है।
भाषा यासिर रंजन
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