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Monday, 30 March, 2026
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डब्ल्यूएचओ का दक्षिण-पूर्व एशिया सत्र संपन्न, सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से जुड़ा प्रस्ताव पारित

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कोलंबो, 15 अक्टूबर (भाषा) विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का 78वां दक्षिण-पूर्व एशिया सत्र बुधवार को समाप्त हो गया, जिसमें सदस्य देशों ने महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से जुड़ा एक प्रस्ताव पारित किया गया।

श्रीलंका की मेजबानी में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक सत्र की मुख्य विशेषता ‘मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के माध्यम से स्वस्थ वृद्धावस्था’ विषय पर ‘कोलंबो घोषणापत्र’ था, जिसे मंत्रिस्तरीय गोलमेल सम्मेलन में पारित कर दिया गया।

इस घोषणापत्र का लक्ष्य वृद्ध होती आबादी का स्वास्थ्य व कल्याण सुनिश्चित करना है, जो दक्षिण-पूर्व एशिया में 2050 तक दोगुनी होने की उम्मीद है।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदानोम गेब्रेयेसस और संगठन की दक्षिण-पूर्व एशिया की कार्यवाहक अधिकारी डॉ. कैथरीना बोहेमे ने मां से बच्चे में होने वाले हेपेटाइटिस बी, एचआईवी और सिफलिस के उन्मूलन के लिए मालदीव को सम्मानित किया, जो विश्व में इस उपलब्धि को हासिल करने वाला पहला देश बना है।

नेपाल और तिमोर-लेस्ते को क्रमशः रूबेला और मलेरिया जैसी बीमारियों के उन्मूलन के लिए मान्यता दी गई।

भाषा जोहेब अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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