जयपुर, 14 अक्टूबर (भाषा) उद्योग संगठन भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (बीयूवीएम) ने मौजूदा त्योहारी और आगामी शादी विवाह सीजन में देश में सात लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान लगाया है।
मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू लाल गुप्ता ने कहा कि त्योहारी सीजन से देश भर के बाजारों में तेजी आई है और विभिन्न क्षेत्रों में 7.58 लाख करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है। मंडल ने देश भर में किए गए बाजार सर्वेक्षण पर आधारित एक रिपोर्ट मंगलवार को जारी की।
उन्होंने कहा, ‘‘उपभोक्ता को बढ़ता रुझान, स्थानीय उत्पादों के प्रति बढ़ती रुचि और माल व सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में सुधार ने खुदरा और थोक व्यापार को काफी बल मिला है।’’ गुप्ता ने कहा कि वाहन, रियल एस्टेट और किराने की आवश्यक वस्तुओं से लेकर आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स, पारंपरिक सजावट, परिधान और सूखे मेवों तक सभी क्षेत्रों में सकारात्मक रुझान दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि खासकर छोटे दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में घरेलू निर्माताओं के लिए अच्छी मांग निकल रही है। माटी के दीये व माटी की मूर्तियां जैसे पारंपरिक और हस्तनिर्मित वस्तुओं की मांग भी मौसमी रीति-रिवाजों के कारण बढ़ी है।
उन्होंने कहा, ‘‘ग्रामीण बाजारों में अच्छी बिक्री है, जिसे फसल कटाई के बाद की आय और शादी-ब्याह से जुड़े खर्चों से बल मिला है।’’ पटाखों की बिक्री समग्र व्यापार में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि अकेले उत्तर प्रदेश में इस क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि 1.30 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित बिक्री के साथ कार, दोपहिया और ई-रिक्शा सहित ऑटोमोबाइल क्षेत्र बिक्री बढोतरी में सबसे आगे है। इसके बाद रियल एस्टेट और निर्माण सामग्री क्षेत्र 1.20 लाख करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर है।
उन्होंने कहा, ‘‘वृद्धि अनुमान में आवश्यक वस्तुओं का हिस्सा लगभग एक लाख करोड़ रुपये है।’ उन्होंने कहा, ‘‘मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों से लेकर उत्तर भारत के छोटे शहरों तक, दुकानदारों को आतिशबाजी और त्योहारी वस्तुओं की मांग में वृद्धि देखने को मिल रही है।’’
देश में त्योहारी सीजन की शुरुआत नवरात्रों के साथ हुई है और दिवाली के बाद बड़ी संख्या में शादियों के चलते यह गति जारी रहने की उम्मीद है।
गुप्ता ने बताया कि अनुमानित कारोबार के ये अनुमान मंडल की एक विशेष समिति द्वारा संकलित किए गए जिसने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, चंडीगढ़, कानपुर, पटना, इंदौर, रायपुर, रांची, हरिद्वार, त्रिपुरा और कटक सहित प्रमुख व्यापार केंद्रों से आंकड़े जुटाए। इन शहरों के व्यापारियों ने राष्ट्रीय अनुमान तैयार करने के लिए स्थानीय जानकारियां साझा कीं।
भाषा पृथ्वी नोमान अजय
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