नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) ठंडा और जमे हुए मांस उत्पादों के निर्यात को वाणिज्य मंत्रालय की इकाई एपीडा द्वारा प्रबंधित मांस निर्यात विकास कोष (एमईडीएफ) में भुगतान के बाद ही अनुमति दी जाएगी।
यह निर्णय 29 अक्टूबर, 2025 से लागू होगा।
कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) देश के कृषि और संबद्ध उत्पाद निर्यात से संबंधित मुद्दों की देखता है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने कहा, ‘‘ठंडे और जमे हुए मांस उत्पादों के निर्यात की अनुमति, केवल एपीडा द्वारा संचालित मांस निर्यात विकास कोष (एमईडीएफ) में धन भेजने पर ही दी जाएगी।’’
पशु उत्पादों का निर्यात भारतीय कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।
पशु उत्पादों के निर्यात में भैंस का मांस, भेड़/बकरी का मांस, पॉल्ट्री उत्पाद, पशु आवरण, दूध और दुग्ध उत्पाद और शहद शामिल हैं।
वित्त वर्ष 2023-24 में देश का पशु उत्पादों का निर्यात 4.5 अरब डॉलर का हुआ था।
भाषा राजेश राजेश अजय
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