नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी अपनी समूह कंपनियों के कच्चे तेल और परिष्कृत ईंधन की खरीद-बिक्री के लिए एक नई व्यापारिक (ट्रेडिंग) इकाई गठित करने की योजना बना रही है।
एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को कहा कि इस नई कंपनी से ओएनजीसी को लगभग एक अरब अमेरिकी डॉलर का लाभ होने की उम्मीद है।
ओएनजीसी जमीन और समुद्र तल जो कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस निकालती है, उसके अधिकांश हिस्से को सरकारी नामांकन के आधार पर बेचा जाता है। हालांकि, ओएनजीसी की अनुषंगी कंपनियां सालाना लगभग सात करोड़ टन कच्चा तेल खरीदती या बेचती हैं। वे कुछ मात्रा में ईंधन का निर्यात भी करती हैं।
ओएनजीसी के निदेशक (उत्पादन) पंकज कुमार ने कहा कि कंपनी बड़े पैमाने पर उत्पादन बढ़ाने और बेहतर कीमतें पाने के लिए सभी व्यवसायों को एक ही छत के नीचे समाहित करने पर विचार कर रही है।
कंपनी एक नई व्यापारिक कंपनी स्थापित करने की योजना बना रही है जो अपनी अनुषंगी कंपनियों हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) तथा मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) के लिए कच्चा तेल खरीदेगी। साथ ही अपनी विदेशी कंपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड द्वारा उत्पादित तेल और गैस का व्यापार भी करेगी।
एक वैश्विक तेल कंपनी को अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञता हासिल करने के लिए नई कंपनी में हिस्सेदारी दी जाएगी।
कुमार ने कहा, ‘‘हम एक साझेदार को नियुक्त करने की प्रक्रिया में हैं… चार अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने रुचि दिखाई है।’’
उन्होंने इन कंपनियों का नाम बताए बिना कहा कि वे तेल व्यापारी नहीं हैं, बल्कि ऐसी कंपनियां हैं जिनके पास तेल और गैस के व्यापार का अनुभव हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि इस कारोबारी कंपनी के जरिये एक अरब अमेरिकी डॉलर का लाभ होगा।’’
भाषा पाण्डेय अजय
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