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Saturday, 21 March, 2026
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प्रधानमंत्री 11 अक्टूबर को दलहन मिशन और धन धान्य कृषि योजना की शुरुआत करेंगे

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नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में दो केंद्रीय योजनाओं – दलहन मिशन और प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना – का शुभारंभ करेंगे, जिसका उद्देश्य भारत को आत्मनिर्भर बनाना और आयात पर निर्भरता कम करना है।

मंत्रिमंडल द्वारा पहले ही स्वीकृत ये दोनों योजनाएं आगामी रबी (शीतकालीन) मौसम से वर्ष 2030-31 तक के लिए लागू की जाएंगी।

पूसा परिसर में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में, मोदी मत्स्य पालन, पशुधन और खाद्य प्रसंस्करण सहित अन्य क्षेत्रों से संबंधित 3,681 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की भी शुरुआत करेंगे। वह किसानों से भी बातचीत करेंगे।

यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश ने गेहूं और चावल में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है, लेकिन दलहन और तिलहन अब भी चिंता का विषय हैं।

मोदी द्वारा शुरू किए जाने वाले ‘दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन’ का लक्ष्य फसल वर्ष 2030-31 तक दलहन उत्पादन को वर्तमान के 252.38 लाख टन से बढ़ाकर 350 लाख टन करना है।

उन्होंने कहा कि 11,440 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय वाली इस योजना का उद्देश्य किसानों को दलहन की उत्पादकता और उत्पादन बढ़ाने के लिए उच्च उपज देने वाली और रोग-प्रतिरोधी बीज किस्में वितरित करना है।

पिछले पांच साल में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा विकसित नई किस्में, किसानों को वितरित की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि किसानों को अधिक दलहन उगाने के लिए प्रोत्साहित करने को सरकार नेफेड और एनसीसीएफ एजेंसियों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 100 प्रतिशत उपज की खरीद भी करेगी।

मंत्री ने कहा कि खेती के रकबे में वृद्धि के साथ-साथ फसल उत्पादकता बढ़ाकर दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीति तैयार की गई है।

यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार पीली मटर के शुल्क-मुक्त आयात पर प्रतिबंध लगाएगी, जिससे अन्य दालों की घरेलू कीमतों पर असर पड़ेगा, मंत्री ने कहा कि सरकार सही समय पर उचित निर्णय लेगी।

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक और उपभोक्ता होने के बावजूद, घरेलू मांग को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर है।

मंत्री ने कहा कि 24,000 करोड़ रुपये की ‘प्रधानमंत्री धन धान्य योजना’ 100 कम प्रदर्शन वाले कृषि जिलों में सुधार लाने के लिए शुरू की जाएगी।

इस योजना का उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, सिंचाई और भंडारण में सुधार करना और चुनिंदा 100 जिलों में ऋण पहुंच सुनिश्चित करना है। इसका मुख्य ध्यान कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों पर होगा।

यह योजना 11 मंत्रालयों की 36 योजनाओं का संतृप्ति-आधारित तालमेल सुनिश्चित करेगी, जिससे 1.7 करोड़ किसानों को सीधे लाभ होगा।

मोदी प्रगतिशील किसानों, किसान उत्पादक संगठनों और सहकारी समितियों को भी सम्मानित करेंगे।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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