नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) तोशिबा एनर्जी सिस्टम्स एंड सॉल्यूशंस कॉरपोरेशन की भारतीय इकाई तोशिबा जेएसडब्ल्यू सार्वजनिक क्षेत्र की एनटीपीसी के बिजलीघरों में कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली लगाएगी।
कंपनी ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि इस अनुबंध के साथ एनटीपीसी के बिजलीघरों में निगरानी समाधान प्रणाली की पहली बार उपयोग होगा।
अनुबंध के तहत एनटीपीसी या उसके संयुक्त उद्यमों के स्वामित्व और संचालन वाले 165 ताप बिजलीघरों और नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों के लिए एआई-संचाचित केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली स्थापित करेगी।
बयान के अनुसार, तोशिबा एनर्जी सिस्टम्स एंड सॉल्यूशंस कॉरपोरेशन (तोशिबा) की भारतीय अनुषंगी तोशिबा जेएसडब्ल्यू पावर सिस्टम्स प्राइवेट लि. (तोशिबा जेएसडब्ल्यू) ने एनटीपीसी लि. के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह अनुबंध एनटीपीसी या उसके संयुक्त उद्यमों के स्वामित्व और संचालन वाले 165 ताप विद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों के लिए एक केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली के लिए है। अनुबंध के तहत योजना चरण में चल रहे संयंत्र भी इसमें शामिल हैं।
कंपनी ने कहा कि यह प्रणाली 2027 के फरवरी में परिचालन में आ जाएगी। इसमें तोशिबा के अत्याधुनिक संयंत्र निगरानी सॉफ्टवेयर – ईटाप्रो को एकीकृत किया जाएगा। यह प्रणाली वर्तमान में 60 से अधिक देशों में 763 गीगावाट बिजली उत्पादन क्षमता को समर्थन दे रही है।
यह प्रणाली अलग-अलग बिजली संयंत्रों में लगे सेंसर से एकत्रित वास्तविक समय के परिचालन आंकड़ों का विश्लेषण करने के लिए कृत्रिम मेधा का उपयोग करती है। यह संयंत्र में लगे उपकरणों में विसंगतियों के संकेतों का शीघ्र पता लगाती है और अवांछित परिणामों को रोकने के लिए मूल कारण का विश्लेषण करती है।
यह प्रणाली रखरखाव प्रक्रियाओं को स्वचालित और प्रबंधित करने के लिए प्राप्त आंकड़ों का भी उपयोग करती है। इससे संयंत्र बंद होने की घटनाओं और अवधि में उल्लेखनीय कमी आती है।
तोशिबा जेएसडब्ल्यू के प्रबंध निदेशक डाइसुके मुराता ने कहा, ‘‘एनटीपीसी से इस ताजा ऑर्डर के साथ, हमें कुशल समाधान प्रदान करके, डिजिटल नवोन्मेष को अपनाकर और विनिर्माण उत्कृष्टता को सुदृढ़ करके भारत की ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में योगदान करने पर गर्व है।’’
तोशिबा कॉरपोरेशन की पूर्ण अनुषंगी कंपनी, तोशिबा एनर्जी सिस्टम्स एंड सॉल्यूशंस कॉरपोरेशन, तोशिबा समूह के ऊर्जा कारोबार से जुड़ी है।
भाषा रमण अजय
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