मुंबई, आठ अक्टूबर (भाषा) अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बुधवार को रुपये में सीमित दायरे में कारोबार हुआ और यह डॉलर के मुकाबले दो पैसे बढ़कर 88.75 पर बंद हुआ। विदेशी कोषों की ओर से कुछ निवेश बढ़ने रुपये में यह मजबूती आई।
विदेशी मुद्रा कारोबारियो ने कहा कि डॉलर अपनी स्थिति बनाए हुए है, फिर भी डॉलर के स्थिर स्वरूप के पीछे एक बढ़ता तनाव छिपा है। साथ ही, जोखिम-से बचने की धारणा में वृद्धि के बीच घरेलू शेयर बाजारों में नकारात्मक रुख के कारण रुपये पर दबाव रहा।
आईपीओ से संबंधित निवेश प्रवाह जैसे घरेलू कारकों के समर्थन से, रुपया एक सीमित दायरे में रहने की संभावना है, और अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता में संभावित प्रगति धीरे-धीरे रुपये के पक्ष में धारणा को मोड़ सकती है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 88.76 पर खुला। कारोबार के दौरान इसने 88.81 के निचले स्तर को छुआ और अंत में 88.75 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से दो पैसे की बढ़त है।
मंगलवार को रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले तीन पैसे टूटकर 88.77 पर बंद हुआ था।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.88 पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.25 प्रतिशत बढ़कर 66.27 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने बुधवार को शुद्ध रूप से 81.28 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
घरेलू शेयर बाजार में, सेंसेक्स 153.09 अंक टूटकर 81,773.66 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 62.15 अंक के नुकसान के साथ 25,046.15 अंक पर रहा।
भाषा राजेश राजेश अजय
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