नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) कॉफी बोर्ड ने पर्यावरण और संचालन से जुड़े मानकों के सत्यापन को लेकर प्रमाणन व्यवस्था पर लोगों से सुझाव मांगे हैं। इसका उद्देश्य देश के उत्पादकों की मान्यता को बढ़ावा देना है क्योंकि व्यापक पर्यावरण अनुकूल गतिविधियों के बावजूद वर्तमान में केवल 15 प्रतिशत उत्पादन ही वैश्विक प्रमाणन मानकों को पूरा करता है।
बोर्ड ने कहा कि भारतीय कॉफी बोर्ड टिकाऊपन प्रमाणन योजना (इंडीकोफ्स) ने एक स्वैच्छिक त्रि-स्तरीय प्रणाली शुरू की है जिसे देश के 4,00,000 से अधिक छोटे और सीमांत कॉफी किसानों को अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण मानकों के अनुरूप बनाने के लिए तैयार किया गया है।
बोर्ड ने कहा कि सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय आयामों को एकीकृत करने वाली टिकाऊ कृषि गतिविधियों का पालन करने के बावजूद, उद्योग को अपनी गुणवत्ता और उत्पादन विधियों के अनुरूप मान्यता प्राप्त नहीं हुई है। टिकाऊ रूप से प्रमाणित कॉफी की वैश्विक मांग बढ़ रही है।
विशेषज्ञों की एक तकनीकी समिति द्वारा विकसित यह योजना, पहले चरण में बागानों के लिए टिकाऊ मानकों और दूसरे चरण में रखरखाव मानकों को शामिल करती है।
संबंधित पक्ष 24 अक्टूबर तक ‘डीआईआरआरईएसएच@जीमेल डॉट कॉम’ पर ईमेल के माध्यम से टिप्पणियां भेज सकते हैं।
कॉफी बोर्ड ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य भारतीय कॉफी को वैश्विक पर्यावरण अनुकूल मानक के रूप में स्थापित करना है, साथ ही उत्पादकों के लिए विपणन क्षमता को बढ़ाना और कॉफी कृषक समुदायों की दीर्घकालिक लाभ को समर्थन देना है।
भाषा राजेश राजेश रमण
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