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Friday, 20 March, 2026
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नीति आयोग ने पेश की ‘मिशन डिजिटल श्रमसेतु’ की रूपरेखा, श्रमिकों को एआई-सक्षम बनाने का लक्ष्य

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नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) नीति आयोग ने बुधवार को ‘मिशन डिजिटल श्रमसेतु’ नाम के राष्ट्रीय मिशन की रूपरेखा पेश की जिसका उद्देश्य कृत्रिम मेधा (एआई) को हर कर्मचारी के लिए सुलभ, किफायती और प्रभावी बनाना है।

सरकारी शोध संस्थान ने ‘समावेशी सामाजिक विकास के लिए एआई’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा कि यह मिशन एआई, ब्लॉकचेन, इमर्सिव लर्निंग और अन्य उन्नत प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल कर संरचनात्मक गतिरोधों को दूर करेगा जिनमें वित्तीय असुरक्षा, सीमित बाजार पहुंच, कौशल का अभाव और सामाजिक सुरक्षा की कमी शामिल हैं।

इस मिशन के तहत असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को ऐसे उपकरण और मंच मुहैया कराए जाएंगे जो उनकी दक्षता बढ़ाएं, उत्पादकता सुधारें और कार्य में गरिमा सुनिश्चित करें।

रिपोर्ट के मुताबिक, मिशन का लक्ष्य समावेशी विकास को बढ़ावा देना है, जिसके लिए सरकार, उद्योग, शिक्षा संस्थान और नागरिक समाज के बीच सहयोग एवं समन्वित प्रयास जरूरी हैं।

हालांकि, यह रिपोर्ट आगाह भी करती है कि मौजूदा रफ्तार से असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों की औसत वार्षिक आय वर्ष 2047 तक केवल 6,000 डॉलर ही रहेगी जबकि भारत को उच्च आय वाले देश के रूप में स्थापित होने के लिए लक्ष्य 14,500 डॉलर का है।

कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने यह रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि असंगठित कर्मचारियों को सशक्त बनाना सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि नैतिक जरूरत भी है।

उन्होंने कहा, ‘‘श्रमिकों के लिए एआई में डिजिटल कौशल का लक्ष्य एआई एवं उन्नत प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाकर सीखने को अनुकूल, सुलभ और मांग-संचालित बनाने के लिए हमारे राष्ट्रीय कौशल एजेंडा से मेल खाता है।’’

इस अवसर पर नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बी वी आर सुब्रमण्यम ने कहा कि 49 करोड़ असंगठित कर्मचारियों का जीवन बदलने के लिए सरकार, उद्योग, शिक्षा और नागरिक समाज का सहयोग विकल्प न होकर अनिवार्यता है।

यह मिशन पांच मुख्य चुनौतियों- वित्तीय असुरक्षा, सीमित बाजार पहुंच, कौशल की कमी, अपर्याप्त सामाजिक सुरक्षा और कम उत्पादकता को दूर करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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