नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को कहा कि भारत की सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता अब 125 गीगावाट तक पहुंच गई है जिससे देश विश्व में तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक बन गया है।
जोशी ने यह बात अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) की आठवीं सभा के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही।
उन्होंने कहा, ‘‘28वें जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के निष्कर्षों के अनुरूप दुनिया को वर्ष 2030 तक 11,000 गीगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा स्थापित करनी होगी, और इसके लिए सौर ऊर्जा सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है।’’
अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की आठवीं सभा 27 से 30 अक्टूबर तक राष्ट्रीय राजधानी के ‘भारत मंडपम’ में आयोजित होगी।
जोशी ने कहा कि भारत और फ्रांस के साझा दृष्टिकोण से उपजे इस संगठन ने अब एक शक्तिशाली वैश्विक मंच का रूप ले लिया है। आईएसए की सदस्यता का विस्तार अब 124 देशों तक हो चुका है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप, यह एक छोटे पौधे से विशाल वृक्ष बन चुका है, जो सभी को सूर्य के नीचे आशा और सुरक्षा प्रदान करता है।’’
जोशी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक 20 लाख से अधिक घरों को सौर ऊर्जा का लाभ मिल रहा है।
आईएसए, भारत और फ्रांस की संयुक्त पहल है जिसका उद्देश्य सौर ऊर्जा समाधानों के जरिये जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करना और 2030 तक एक लाख करोड़ डॉलर के सौर निवेश को जुटाना है, साथ ही प्रौद्योगिकी और वित्तीय लागत को कम करना है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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