लखनऊ, आठ अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि राज्य में प्रस्तावित ‘पीएम मित्र पार्क’ न केवल उद्योगों के लिए वरदान साबित होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी एक आदर्श उदाहरण बनेगा।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, राज्य सरकार की नीति ‘विकास के साथ पर्यावरण’ को साकार करने की दिशा में यह पार्क एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी औद्योगिक विकास परियोजना में हरियाली और पारिस्थितिक संतुलन से कोई समझौता नहीं होगा। इसे ध्यान में रखते हुए लखनऊ और हरदोई जिलों में प्रस्तावित पीएम मित्र पार्क का लेआउट प्लान पर्यावरणीय दृष्टि से पूरी तरह संतुलित रखा गया है।
पीएम मित्र पार्क के प्रस्तावित लेआउट प्लान के मुताबिक, 55 प्रतिशत क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी। वहीं, तीन प्रतिशत क्षेत्र को आवासीय उपयोग, चार प्रतिशत क्षेत्र संस्थागत उद्देश्यों के लिए, दो प्रतिशत क्षेत्र परिवहन केंद्रों और चार प्रतिशत क्षेत्र उपयोगिताओं एवं सुविधाओं के लिए आरक्षित किया गया है।
सबसे खास बात यह है कि समूचे पार्क की 11 प्रतिशत जमीन हरियाली और फलों के बागानों के लिए सुरक्षित रखी गई है जहां हरित क्षेत्र, हरित पट्टी और बफर ज़ोन विकसित किए जाएंगे। यह कदम न केवल प्रदूषण कम करेगा बल्कि स्थानीय जैव विविधता को भी संरक्षित रखेगा।
इसके अलावा, 13 प्रतिशत क्षेत्र में नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा जबकि 0.1 प्रतिशत हिस्से में मौजूदा सड़कों को सुदृढ़ किया जाएगा।
जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए दो प्रतिशत जमीन नालों एवं जलाशय के लिए और 0.5 प्रतिशत जमीन मनोरंजक स्थलों के लिए आरक्षित की जाएगी।
राज्य सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक, इस पूरी परियोजना पर 1,680 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह पार्क कुल 100 एकड़ क्षेत्र में बनाया जाएगा, जिसमें एक लाख से अधिक रोजगार पैदा होने और 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।
भाषा जफर राजकुमार प्रेम
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