(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क, आठ अक्टूबर (भाषा) बहुआयामी ऊर्जा प्रौद्योगिकी कंपनी होलटेक के भारतीय मूल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. क्रिस सिंह ने भारत के कुडनकुलम परमाणु संयंत्र को अत्याधुनिक परमाणु उपकरणों की आपूर्ति को एक ‘‘अवसर’’ करार दिया है।
अमेरिका के न्यू जर्सी में स्थित होलटेक इंटरनेशनल ने एक बयान में घोषणा की कि उसने भारत को ‘‘स्पेंट फ्यूल स्टोरेज रैक्स’’ की पहली खेप भेजी है। ये रैक्स मेटामिक से बने हैं और इनमें अधिकतम रिएक्टिविटी नियंत्रण क्षमता तथा उच्च संरचनात्मक मजबूती है। इनका उपयोग भारत के कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र में किया जाएगा, जिसे रूस के तकनीकी सहयोग से बनाया गया है।
सिंह ने कहा, ‘‘होलटेक (अमेरिका) और होलटेक एशिया के बीच करीबी सहयोग से इन जटिल परमाणु घटकों की आपूर्ति हमारे लिए यह अवसर लेकर आई है कि हम दिखा सकें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भारत की विनिर्माण क्षमता को विश्वस्तरीय स्तर तक ले जाने का लक्ष्य एक सुव्यवस्थित तकनीकी हस्तांतरण की प्रक्रिया के माध्यम से पूरी तरह साकार किया जा सकता है।’’
होलटेक एशिया और इसकी मूल कंपनी होलटेक इंटरनेशनल द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित ये मॉड्यूल कुडनकुलम स्थल पर एक नए भंडारण केंद्र में स्थापित किए जाएंगे।
इसके अलावा, एक अन्य खेप में ‘मल्टी-पर्पस ट्रांसपोर्ट कैस्क’ ‘‘हाई-स्टार 149’’ भी भारत भेजा जा रहा है। यह कंटेनर होलटेक इंटरनेशनल और होलटेक एशिया (पुणे) द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित है और इसमें नवीनतम विकिरण-रोधी तकनीक का उपयोग किया गया है।
सिंह ने कहा कि कंपनी लोकसभा में उस लंबे समय से प्रतीक्षित विधेयक के पारित होने की प्रतीक्षा कर रही है, जो निजी क्षेत्र को भारत के परमाणु ऊर्जा उद्योग के विकास में भागीदारी का अवसर देगा और भारत को इस महत्वपूर्ण ऊर्जा क्षेत्र में एक वैश्विक शक्ति में बदल देगा।
होलटेक इंटरनेशनल एक बहुआयामी ऊर्जा प्रौद्योगिकी कंपनी है, जिसे कार्बन-रहित ऊर्जा उत्पादन, विशेष रूप से व्यावसायिक परमाणु और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी नवोन्मेषक के रूप में जाना जाता है।
भाषा गोला वैभव
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