नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और उनकी टीम ने त्वरित संदेश सेवा व्हाट्सऐप को छोड़कर घरेलू मैसेजिंग मंच ‘अरट्टई’ का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
इस कदम को सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और स्वदेशी पहल को मजबूती देने के तौर पर देखा जा रहा है।
अरट्टई असल में तमिल भाषा का शब्द है जिसका मतलब ‘हल्की-फुल्की बातचीत’ होता है। इसका विकास भारतीय कंपनी जोहो कॉरपोरेशन ने किया है जिसके प्रमुख श्रीधर वेम्बू हैं।
व्हाट्सऐप का स्वामित्व फेसबुक का भी संचालन करने वाली अमेरिकी कंपनी मेटा के पास है।
गोयल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘स्वदेशी उत्पाद इस्तेमाल करने का एहसास सबसे खास है। अरट्टई मंच का हिस्सा बनने पर गर्व है। यह ‘मेड इन इंडिया’ मैसेजिंग मंच भारत को और करीब लाता है।’’
उन्होंने कहा कि उनकी टीम भी इस मंच से जुड़ चुकी है और सभी अन्य लोगों से जुड़ने के इच्छुक हैं।
इसके साथ गोयल ने अरट्टई के ऐप को डाउनलोड करने का लिंक भी साझा किया।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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