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Wednesday, 18 March, 2026
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कमजोर कारोबारी धारणा से अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

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नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) तेल-तिलहन उद्योग की सीमित मांग और बैंकों का कर्ज लौटाने के लिए आयातकों द्वारा आयात की लागत से कम दाम पर बिकवाली करने के कारण स्थानीय बाजार में सोमवार को सरसों एवं मूंगफली तेल तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल कीमतों में गिरावट रही।

वहीं नये खरीफ सोयाबीन के बढ़े हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रभाव में आने के बाद किसानों की कमजोर दाम पर होने वाली बिकवाली प्रभावित होने के कारण आवक घटने से सोयाबीन तिलहन के दाम में पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले मामूली सुधार देखने को मिला।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन तिलहन कीमतों में आये मामूली सुधार को सुधार कहना अनुचित होगा क्योंकि पहले जो सोयाबीन तिलहन एमएसपी से काफी नीचे बिक रहा था, वह दाम सुधार के बाद भी एमएसपी से बेहद कमजोर बना हुआ है। असल मसला यह है कि किसान जो नयी सोयाबीन फसल बाजार में ला रहे हैं, उसमें नमी है और ऐसे में पुराने सोयाबीन की मांग बढ़ी है। इस कारण सोयाबीन तिलहन में मामूली सुधार आया है।

मलेशिया और शिकागो एक्सचेंज में गिरावट चल रही है।

सूत्रों ने कहा कि वैसे देश में फिलहाल त्योहारों की मांग है। मगर स्थिति यह है कि जो स्टॉकिस्ट या विक्रेता मांग बढ़ने की उम्मीद में 1,000-1,200 टिन जमा रखा करते थे, वे पैसों की दिक्कत के कारण 50-100 टिन रखकर ही काम चला रहे हैं। तेल उद्योग और आयातकों की हालत खराब है।

आयातक बैंकों का कर्ज लौटाने की जल्दबाजी तथा अपना ऋण साखपत्र (एलओसी) को चलन में बनाये रखने के लिए आयात की लागत से कम दाम पर खाद्यतेल बेचने के घाटे का सौदा जारी रखने को मजबूर हो गये हैं। इन सबके बीच किसानों की हालत पतली है जिनकी फसल मंडियों में खप नहीं रही और जिसके कारण उन्हें वाजिब दाम नहीं मिल पाते। उपभोक्ता भी इस गिरावट का लाभ उठा नहीं पा रहे क्योंकि खुदरा बाजार में तो इन्हीं खाद्यतेलों के दाम मंहगे बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि यह तमाम परिस्थितियां तेल-तिलहन उद्योग के भविष्य को लेकर आशंका पैदा करने वाली हैं और सरकार को तत्काल इस दिशा में ध्यान देकर उपयुक्त उपाय करने चाहिये।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 7,000-7,050 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 5,325-5,700 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 12,900 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,130-2,430 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,490-2,590 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,490-2,625 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,650 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,350 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,250 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 4,625-4,675 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,325-4,425 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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