मुंबई, 25 सितंबर (भाषा) सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए), एशियन पाम ऑयल अलायंस (एपीओए) और इंडोनेशियाई पाम ऑयल एसोसिएशन (आईपीओए ने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने, जिम्मेदार वृद्धि को समर्थन देने और पूरे क्षेत्र में अधिक स्थिर पामतेल आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
बुधवार को हस्ताक्षरित और तीन वर्षों के लिए वैध समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत, आईपीओए भारत के पामतेल उद्योग को तकनीकी जानकारी और व्यापार सहायता प्रदान करेगा।
एसईए के अध्यक्ष संजीव अस्थाना ने एक बयान में कहा, ‘‘हम आईपीओए और एपीओए के साथ इस साझेदारी का स्वागत करते हैं, क्योंकि यह इंडोनेशिया और अन्य एशियाई साझेदारों के साथ भारत के जुड़ाव को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह समझौता ज्ञापन भारत की किफायती, उच्च-गुणवत्ता वाले पाम तेल तक पहुंच को मजबूत करेगा और साथ ही भारतीय अंशधारकों को टिकाऊ पाम तेल उत्पादन में इंडोनेशिया की विशेषज्ञता का लाभ उठाने में सक्षम बनाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह व्यापार और तकनीकी सहयोग के अवसर भी पैदा करेगा जिससे भारत के खाद्य तेल क्षेत्र में और अधिक स्थिरता आएगी।’’
भारत अपनी खाद्य तेल की 60 प्रतिशत से अधिक मांग आयात के माध्यम से पूरी करता है और इंडोनेशिया एक दशक से भी अधिक समय से लगातार पामतेल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।
अगस्त में, भारत का पामतेल आयात लगभग 16 प्रतिशत बढ़कर 9,90,528 टन हो गया। यह देश की खाद्य तेल आवश्यकताओं को पूरा करने में इसकी भूमिका को दर्शाता है।
एपीओए के अध्यक्ष अतुल चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘यह समझौता ज्ञापन एशिया भर के पामतेल उपभोक्ता देशों के लिए एक मील का पत्थर है। आईपीओए और एसईए के साथ काम करके, एपीओए सुरक्षित आपूर्ति, मजबूत क्षेत्रीय सहयोग और व्यापक उपभोक्ता जागरूकता सुनिश्चित करने में मदद करेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा ध्यान पामतेल व्यापार में स्थिरता और समावेशी विकास को आगे बढ़ाते हुए एशियाई उपभोक्ताओं की आवाज का प्रतिनिधित्व करना है।’’
भाषा राजेश राजेश रमण
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