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Sunday, 15 March, 2026
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त्योहारी मांग के बावजूद बीते सप्ताह अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

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नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) देश में त्योहारी मौसम की मांग होने के बावजूद खराब वित्तीय स्थिति की वजह से कारोबार प्रभावित रहने के बीच कुछे को छोड़कर अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम, अपने पिछले सप्ताहांत के मुकाबले गिरावट के साथ बंद हुए।

सूत्रों ने कहा कि वर्ष 2025-26 के लिए सूरजमुखी का बढ़ा हुआ न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 7,721 रुपये क्विंटल है और हाजिर बाजार में लगभग 5,000 रुपये क्विंटल पर भी लिवाल मुश्किल से मिल रहे हैं। इसी प्रकार सोयाबीन (नया एमएसपी-5,328 रुपये क्विंटल) का हाजिर दाम 4,000-4,200 रुपये क्विंटल के लगभग है। मूंगफली (नया एमएसपी-7,263 रुपये क्विंटल) का हाजिर दाम 5,000 रुपये क्विंटल भी मिलने में मुश्किल हो रही है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1997-98 में सूरजमुखी की खेती लगभग 26 लाख 98 हजार हेक्टेयर में की जाती थी। उस समय भी स्थितियां अब की ही तरह की थीं और किसानों ने सूरजमुखी की खेती से मुंह फेरा तो इसकी खेती का रकबा अब भारी गिरावट के साथ मुश्किल से एक लाख हेक्टेयर भी नहीं रह गया है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि ऊंचे दाम पर कमजोर लिवाली के कारण सरसों तेल-तिलहन के दाम गिरावट दर्शाते बंद हुए। सरकार के पास लगभग 10 लाख टन का सरसों का स्टॉक है जिसे वह बेच रही है। वैसे भी नवरात्रि के दिन में सरसों की मांग कमजोर रहती है बल्कि इसके स्थान पर रिफाइंड तेलों की खपत बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि बैंकों में अपना ऋण साख पत्र चलाते रहने की मजबूरी की वजह से आयातकों द्वारा लागत से कम दाम पर आयातित तेलों की बिक्री करने से सोयाबीन तेल के साथ-साथ पाम-पामोलीन तेल के दाम में भी गिरावट देखी गई। इन आयातकों की वित्तीय स्थिति ऐसी नहीं है कि वे अपना माल रोककर सही दाम मिलने का इंतजार कर सकें और जल्दबाजी में वे लागत से नीचे दाम पर बिक्री कर बैठते हैं।

सूत्रों ने कहा कि दूसरी ओर, सोयाबीन तिलहन का न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले के 4,892 रुपये क्विंटल से बढ़ाकर वर्ष 2025-26 के लिए 5,328 रुपये क्विंटल कर दिया गया है। जबकि हाजिर दाम एमएसपी से काफी नीचे है। किसानों के सामने नया एमएसपी है और वे पहले से नीचे हाजिर दाम के और कम दाम पर बिक्री करने को राजी नहीं हैं। ऐसे में सोयाबीन तिलहन के दाम में मामूली सुधार देखा गया।

उन्होंने कहा कि मूंगफली की खरीफ फसल की आवक शुरू हो गयी है। इसकी हालत पहले ही बुरी है और इसका हाजिर दाम एमएसपी से काफी कम है। मूंगफली तेल की निर्यात मांग भी कमजोर है। बीते सप्ताह जब मूंगफली की थोड़ी बहुत आवक शुरू हुई है तभी इसके दाम पिछले लगभग 10 साल के निचले स्तर तक लुढ़क गये, आगे जब आवक बढ़ेगी तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में नये बढ़े हुए एमएसपी वाले मूंगफली की खपने को लेकर चिंतायें कहीं अधिक हैं। इन परिस्थितियों के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम गिरावट के साथ बंद हुए।

सूत्रों ने कहा कि कपास की नयी फसल की आवक शुरू हो गयी है जो एमएसपी से नीचे दाम पर बिक रहा है क्योंकि बाजार में मिलावटी खल सस्ते में उपलब्ध है। जब मिलावटी खल सस्ता बिकेगा, तो किसानों को कपास, कपास से निकलने वाले बिनौला खल के सही दाम नहीं मिलेंगे। कपास का उत्पादन बढ़े इसके लिए जरूरी है कि मिलावटी बिनौला खल के खिलाफ सरकार सख्त कदम उठाये जिसकी मांग पक्ष-विपक्ष की ओर से कई जन-प्रतिनिधियों ने भी उठाई है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने बिनौला खल पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) इसलिए नहीं हटाया है कि इसका लाभ उठाकर मिलावटी बिनौला खल का कारोबार फले-फूले।

बीते सप्ताह सरसों दाना 50 रुपये की गिरावट के साथ 7,175-7,225 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों दादरी तेल 200 रुपये की गिरावट के साथ 15,250 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल का भाव क्रमश: 30-30 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 2,560-2,660 रुपये और 2,560-2,605 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ।

समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाने और सोयाबीन लूज के थोक भाव क्रमश: 25-25 रुपये के मामूली सुधार के साथ क्रमश: 4,500-4,550 रुपये और 4,200-4,300 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।

दूसरी ओर, सोयाबीन दिल्ली तेल का दाम 250 रुपये की गिरावट के साथ 13,400 रुपये, सोयाबीन इंदौर तेल का दाम 250 रुपये की गिरावट के साथ 13,000 रुपये और सोयाबीन डीगम तेल का दाम 200 रुपये की गिरावट के साथ 10,250 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

समीक्षाधीन सप्ताह में निर्यात की मांग कमजोर रहने के कारण मूंगफली तेल-तिलहन की कीमत में गिरावट आई। मूंगफली तिलहन 275 रुपये की गिरावट के साथ 5,325-5,700 रुपये क्विंटल, मूंगफली तेल गुजरात का थोक दाम 550 रुपये की गिरावट के साथ 12,800 रुपये क्विंटल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल का थोक दाम 60 रुपये की गिरावट के साथ 2,125-2,425 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।

समीक्षाधीन सप्ताह में सीपीओ तेल का दाम 100 रुपये की गिरावट के साथ 11,725 रुपये प्रति क्विंटल, पामोलीन दिल्ली का भाव 300 रुपये की गिरावट के साथ 13,400 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल का भाव भी 275 रुपये की गिरावट के साथ 12,325 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

बाजार में गिरावट के आम रुख के अनुरूप समीक्षाधीन सप्ताह में बिनौला तेल भी 500 रुपये की गिरावट के साथ 12,550 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

भाषा राजेश

अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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