नयी दिल्ली, 19 सितंबर (भाषा) जापान की रेटिंग एंड इन्वेस्टमेंट इन्फॉरमेशन इंक. (आरएंडआई) ने भारत की दीर्घकालिक सरकारी साख रेटिंग को ‘बीबीबी’ से बढ़ाकर ‘बीबीबी+’ करने के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था के ‘स्थिर’ परिदृश्य को बरकरार रखा है।
इस साल किसी साख रेटिंग एजेंसी की तरफ से भारत की रेटिंग को तीसरी बार बढ़ाया गया है। इससे पहले एसएंडपी ने अगस्त 2025 में भारत की रेटिंग को बढ़ाकर ‘बीबीबी’ और मॉर्निंगस्टार डीबीआरएस ने मई 2025 में ‘बीबीबी’ किया था।
रेटिंग एजेंसी आरएंडआई की शुक्रवार को प्रकाशित भारत सरकारी साख समीक्षा के मुताबिक, यह रेटिंग दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में भारत की स्थिति से समर्थित है।
रिपोर्ट कहती है कि भारत की बढ़ी हुई रेटिंग इसके जनसांख्यिकीय लाभांश, मजबूत घरेलू मांग और ठोस सरकारी नीतियों पर आधारित है।
आरएंडआई ने अपनी रिपोर्ट में सरकार की राजकोषीय स्थिति में हुई प्रगति का उल्लेख किया, जो उच्च वृद्धि के साथ ही कर राजस्व में वृद्धि, सब्सिडी को तर्कसंगत बनाने और ऋण के प्रबंधनीय स्तर से प्रेरित है।
यह रिपोर्ट भारत की मजबूत बाह्य स्थिरता पर भी प्रकाश डालती है। इसमें कहा गया कि चालू खाते का मामूली घाटा, सेवाओं और धनप्रेषणों में टिकाऊ अधिशेष, जीडीपी के अनुपात में बाहरी कर्ज कम होने और पर्याप्त विदेशी मुद्रा से इसकी मजबूती का पता चलता है।
वित्त मंत्रालय ने आरएंडआई की तरफ से भारत की रेटिंग बढ़ाए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार राजकोषीय सूझबूझ और व्यापक आर्थिक स्थिरता के साथ ही समावेशी, उच्च-गुणवत्ता वाली वृद्धि को बढ़ावा देने वाली नीतियों के जरिये इस गति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पांच महीनों के भीतर तीन क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों द्वारा भारत की रेटिंग में सुधार करने से देश के मजबूत और जुझारू व्यापक आर्थिक बुनियादी सिद्धांतों और विवेकपूर्ण राजकोषीय प्रबंधन के प्रति बढ़ती वैश्विक मान्यता का पता चलता है।
भाषा पाण्डेय प्रेम
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