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Friday, 27 March, 2026
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ब्रॉडबैंड उपकरणों की अनिवार्य सुरक्षा जांच समयसीमा दिसंबर तक बढ़ाई गई

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(प्रसून श्रीवास्तव)

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) दूरसंचार विभाग की संचार सुरक्षा शाखा ‘नेशनल सेंटर फॉर कम्युनिकेशन सिक्योरिटी’ (एनसीसीएस) ने ऑप्टिकल फाइबर आधारित ब्रॉडबैंड उपकरणों की अनिवार्य सुरक्षा जांच समयसीमा को तीसरी बार बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2025 कर दिया है।

एक आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, ये दूरसंचार उपकरण 31 दिसंबर तक स्वैच्छिक सुरक्षा प्रमाणन (वीएससी) व्यवस्था के ही तहत रहेंगे।

उद्योग संगठन ‘वॉयस ऑफ इंडियन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एंटरप्राइजेज’ (वॉयस) ने आरोप लगाया है कि विदेशी विक्रेताओं की अनिच्छा की वजह से सुरक्षा जांच की समयसीमा फिर से बढ़ाई गई है। हालांकि एनसीसीएस ने इस आरोप से इनकार किया है।

एनसीसीएस को ‘संचार सुरक्षा प्रमाणन योजना’ (कॉमसेक) लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। इस योजना के तहत दूरसंचार नेटवर्क में लगने वाले उपकरणों की सुरक्षा जांच और प्रमाणन अनिवार्य हैं।

अधिसूचना के मुताबिक, ऑप्टिकल नेटवर्क टर्मिनल (ओएनटी) और ऑप्टिकल लाइन टर्मिनल (ओएलटी) के उत्पाद अब 31 दिसंबर, 2025 तक स्वैच्छिक सुरक्षा प्रमाणन के दायरे में रहेंगे और इस अवधि में कोई भी प्रशासनिक या परीक्षण शुल्क नहीं लिया जाएगा।

हालांकि एक जनवरी, 2026 से इन उपकरणों का भारतीय दूरसंचार सुरक्षा आश्वासन प्रावधानों (आईटीएसएआर) के तहत प्रमाणन करना अनिवार्य होगा।

उद्योग निकाय वॉयस के महानिदेशक आर के भटनागर ने कहा, ‘यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है लिहाजा इस पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए। सुरक्षा जांच में देरी से घरेलू कंपनियों को नुकसान होगा।’

इस संबंध में टिप्पणी के लिए सिस्को, नोकिया और एरिक्सन जैसी विदेशी कंपनियों को भेजे गए सवाल का कोई जवाब नहीं आया है।

हालांकि एक यूरोपीय कंपनी से जुड़े सूत्र ने कहा कि उद्योग ने सेल्युलर ऑपरेटर निकाय सीओएआई के माध्यम से एनसीसीएस को लिखे पत्र में मानकों से छूट देने की मांग की है।

इस बीच, दूरसंचार विभाग के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि समयसीमा बढ़ाने का कारण विदेशी विक्रेताओं का दबाव नहीं बल्कि भारतीय स्टार्टअप और एमएसएमई के उत्पाद समूह बनाने से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों को सरल बनाना है।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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