(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, 14 सितंबर (भाषा) अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि भारत 1.4 अरब लोगों का देश होने का दावा करता है, लेकिन वह अमेरिका से थोड़ा सा मक्का भी नहीं खरीदेगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि नयी दिल्ली को अपने शुल्क कम करने होंगे, वरना अमेरिका के साथ व्यापार करने में उसे ”कठिन समय” का सामना करना पड़ेगा।
लुटनिक ने शनिवार को एक साक्षात्कार के दौरान यह टिप्पणी की। उनसे पूछा गया था कि क्या अमेरिका भारत, कनाडा और ब्राजील जैसे महत्वपूर्ण सहयोगियों के साथ बेहद मूल्यवान संबंधों को इन देशों पर लगाए गए शुल्क के जरिए खराब कर रहा है।
लुटनिक ने कहा, ”यह रिश्ता एकतरफा है। वे हमें बेचते हैं और हमारा फायदा उठाते हैं। वे हमें अपनी अर्थव्यवस्था से रोकते हैं, जबकि हम उनके लिए पूरी तरह खुले हैं।”
उन्होंने आगे कहा, ”राष्ट्रपति कहते हैं कि निष्पक्ष और आपसी व्यापार।”
लुटनिक ने कहा, ”भारत शेखी बघारता है कि उसके पास 1.4 अरब लोग हैं। इतने लोग अमेरिका से एक बुशल (लगभग 25 किलोग्राम) मक्का क्यों नहीं खरीदेंगे? क्या यह बात आपको बुरी नहीं लगती कि वे हमें सब कुछ बेचते हैं और हमारा मक्का नहीं खरीदते? वे हर चीज पर शुल्क लगाते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन देशों से शुल्क कम करने को कहा है।
लुटनिक ने कहा, ”यही राष्ट्रपति का मॉडल है, और या तो आप इसे स्वीकार करें या फिर आपको दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ता के साथ व्यापार करने में मुश्किल होगी।”
ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है। भारत ने अमेरिका के इस कदम को अनुचित और अविवेकपूर्ण बताया है।
भाषा पाण्डेय
पाण्डेय
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