मुंबई, 12 सितंबर (भाषा) देश के अधिकांश कपास उत्पादक क्षेत्रों में कम पैदावार के कारण, 30 सितंबर को समाप्त होने वाले 2024-25 सत्र में कपास उत्पादन घटकर 312.40 लाख गांठ रहने का अनुमान है।
भारतीय कपास संघ (सीएआई) के बयान के अनुसार, वर्ष 2023-24 सत्र के दौरान कुल उत्पादन 336.45 लाख गांठ रहा। एक गांठ 170 किलोग्राम के बराबर होती है।
अगस्त तक कुल कपास आपूर्ति 383.03 लाख गांठ रहने का अनुमान है, जिसमें 307.09 लाख गांठ की प्रेसिंग, 36.75 लाख गांठ का आयात और सत्र की शुरुआत में 39.19 लाख गांठ का शुरुआती स्टॉक शामिल है।
इसके अलावा, सीएआई ने 31 अगस्त तक 286 लाख गांठ कपास की खपत का अनुमान लगाया है, जबकि निर्यात 17 लाख गांठ रहा।
अगस्त के अंत में स्टॉक 80.03 लाख गांठ होने का अनुमान है, जिसमें कपड़ा मिलों के पास 35 लाख गांठ और भारतीय कपास निगम (सीसीआई), महाराष्ट्र फेडरेशन और अन्य (बहुराष्ट्रीय कंपनियां, व्यापारी, जिनर, निर्यातक) के पास शेष 45.03 लाख गांठ शामिल हैं।
सीएआई ने कपास सत्र 2024-25 के अंत तक अपनी कुल कपास आपूर्ति 392.59 लाख गांठ होने का अनुमान लगाया है, जबकि पहले यह अनुमान 389.59 लाख गांठ था।
इसमें 39.19 लाख गांठ का शुरुआती स्टॉक, 312.40 लाख गांठ कपास प्रेसिंग और 41 लाख गांठ का आयात शामिल है।
हालांकि, सीएआई ने अपनी घरेलू खपत को पहले अनुमानित 314 लाख गांठ पर बनाए रखा है।
वर्ष 2024-25 सत्र के लिए निर्यात 18 लाख गांठ पर बरकरार रखा गया है, जैसा कि पहले अनुमान लगाया गया था। जबकि वर्ष 2023-24 सत्र के लिए निर्यात 28.36 लाख गांठ रहने का अनुमान है।
भाषा राजेश राजेश रमण
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