ईटानगर, 12 सितम्बर (भाषा) अरुणाचल प्रदेश सरकार ने चांगलांग जिले के खरसांग में स्थित नामचिक-नामफुक कोयला खदान के पट्टे को मंजूरी दे दी है।
इस खदान का संचालन गुवाहाटी की कंपनी कोल पल्ज प्राइवेट लिमिटेड करेगी। उसे वर्ष 2023 में हुई नीलामी में 30 वर्षों के लिए यह अधिकार मिला था।
पट्टा अधिकार देने को लेकर बृहस्पतिवार को राज्य सरकार और कंपनी के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
इस अवसर पर अरुणाचल के भूविज्ञान एवं खनन मंत्री वांकी लोवांग ने कहा कि इस खदान से जल्द ही कोयला उत्पादन शुरू होने की संभावना है। इस खदान से प्रतिवर्ष दो लाख टन कोयला उत्पादन होने की संभावना है, जिससे राज्य को राजस्व मिलेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि खदान का परिचालन शुरू होने से अवैध खनन पर रोक लगेगी और बिजली की मांग पूरी करने में मदद मिलेगी।
यह खदान क्षेत्र अरुणाचल प्रदेश के सुदूर पूर्व में स्थित नामचिक संरक्षित वन का हिस्सा है। यहां पर खनन के लिए सभी जरूरी वन एवं पर्यावरण मंजूरियां केंद्र सरकार से ली जा चुकी हैं।
करीब 1.5 करोड़ टन भंडार वाले इस कोयला क्षेत्र में पहले वर्ष 2007 से 2012 के बीच खनन हुआ था, लेकिन नियमों के उल्लंघन एवं अन्य कारणों से इसे रोक दिया गया था।
बाद में 2019 में राज्य सरकार ने इसे फिर शुरू करने का फैसला किया था। अब आवश्यक अनुमति मिलने के बाद व्यावसायिक खनन की राह साफ हो गई है।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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