नयी दिल्ली, 12 सितंबर (भाषा) शीर्ष लेखा संस्थानों के अंतरराष्ट्रीय संगठन (आईएनटीओएसएआई) ने वर्ष 2026-28 की अपनी कार्य योजना को मंजूरी दे दी है जिसमें साइबर सुरक्षा ऑडिट और ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ प्रौद्योगिकी के जरिये दूरस्थ ऑडिट को वरीयता दी गई है।
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के. संजय मूर्ति ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
यह कार्य योजना आईएनटीओएसएआई के सूचना प्रौद्योगिकी ऑडिट कार्यसमूह (डब्ल्यूजीआईटीए) की 34वीं वार्षिक बैठक में अपनाई गई। हैदराबाद में आयोजित इस बैठक में 29 देशों के प्रतिनिधियों, वैश्विक भागीदार संगठनों और विशेषज्ञों ने भाग लिया।
बैठक में 2023-25 की अवधि के लिए स्वीकृत कार्य योजना की समीक्षा भी की गई। इसमें आईटी ऑडिट हैंडबुक को समर्थन देने के लिए विस्तृत ऑडिट परिवेश का विकास, सूचना प्रणाली सुरक्षा ऑडिट पर दिशानिर्देश जारी करना और मूल्यांकन दिशानिर्देश तैयार करना शामिल रहा।
कैग ने एक विज्ञप्ति में कहा कि नई कार्य योजना में अनुसंधान, क्षमता निर्माण और नए ऑडिट ज्ञान के विकास पर भी जोर दिया गया है। इस दौरान आईआईटी मद्रास के साथ मिलकर कैग ने ऑडिट व निरीक्षण रिपोर्टों पर प्रशिक्षित विशाल भाषा मॉडल विकसित करने की पहल की।
इसके अलावा नौ महीने का एआई/एमएल प्रमाणन कार्यक्रम भी शुरू किया गया, जिसमें अन्य देशों के लेखा संस्थान भी शामिल हो सकेंगे।
बैठक में कृत्रिम मेधा (एआई), उभरती प्रौद्योगिकी और डिजिटल उपकरणों की भूमिका पर व्यापक चर्चा हुई।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
रमण
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
