नयी दिल्ली, 11 सितंबर (भाषा) खान मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि संगमरमर एवं ग्रेनाइट जैसे खनन क्षेत्र से जुड़े उत्पादों पर जीएसटी दरों में की गई कटौती से आवास उद्योग और लघु उद्योगों को लाभ मिलेगा।
जीएसटी ढांचे में पिछले हफ्ते बदलाव किए जाने के बाद खनन से जुड़े कई उत्पाद अब 12 प्रतिशत की जगह पांच प्रतिशत के कर दायरे में आ गए हैं।
मंत्रालय ने कहा कि इस दर कटौती से मकान निर्माण की लागत में कमी आएगी क्योंकि आवास उद्योग में संगमरमर और ग्रेनाइट जैसे खनन उत्पादों का व्यापक इस्तेमाल होता है। इनकी खुदाई राजस्थान, गुजरात और कर्नाटक में की जाती है।
इसी तरह, चूने की ईंट और पत्थरों की जड़ाई के काम की नई दरें भी ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत वाले मकानों के निर्माण को सस्ता बनाएंगी। इससे ग्रामीण और निम्न आय वाले परिवारों को मदद मिलेगी।
इसके अलावा पीतल, तांबे की मिश्रधातु और एल्युमीनियम से बनने वाले हस्तशिल्प उत्पादों पर भी जीएसटी कम होने से कारीगरों और लघु उद्योगों को राहत मिलेगी।
खान मंत्रालय ने कहा, ‘‘मंत्रालय से संबंधित सेवाओं पर जीएसटी दरों की सिफारिश के संदर्भ में, भारत में उत्पादों के बहु-आयामी परिवहन पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत (सीमित क्रेडिट के साथ) कर दी गई है। इससे खनन एवं खनिज उद्योग, खासकर लौह अयस्क जैसे खनिजों को लाभ मिलेगा।’’
संशोधित कर ढांचे के मुताबिक, 22 सितंबर से अधिकांश वस्तुओं एवं सेवाओं पर पांच और 18 प्रतिशत की दरें लागू होंगी, जबकि विलासिता वाले उत्पादों और तंबाकू से जुड़े सामान पर 40 प्रतिशत की विशेष दर लगाई जाएगी।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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