नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) वित्त मंत्रालय बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए कुछ बड़े बैंकों सहित वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों के साथ एक बैठक करेगा।
सूत्रों ने बताया कि 11 सितंबर को होने वाली बैठक की अध्यक्षता वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू करेंगे।
बैठक में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय पर सरकार के जोर को देखते हुए बुनियादी ढांचा क्षेत्र को ऋण उपलब्ध कराने पर चर्चा होने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चालू वित्त वर्ष के लिए 11.21 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य रखा है।
वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में पूंजीगत व्यय के लिए 11.1 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जबकि संशोधित अनुमान में केवल 10.18 लाख करोड़ रुपये का खर्च होने की बात कही गयी है। यानी खर्च लगभग 93,000 करोड़ कम रहा।
नवीनतम आर्थिक समीक्षा में इस बात पर जोर दिया गया है कि उच्च वृद्धि दर को बनाए रखने के लिए अगले दो दशक में बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश को लगातार बढ़ाने की आवश्यकता है, जबकि सरकार को निजी क्षेत्र के वित्तपोषण को बढ़ाने और संसाधन जुटाने के नए रास्ते तलाशने होंगे।
संसद में पेश 2024-25 की आर्थिक समीक्षा में कहा गया, ‘‘उच्च वृद्धि दर को बनाए रखने के लिए भारत को अगले दो दशक में बुनियादी ढांचे में निवेश को निरंतर बढ़ाने की आवश्यकता है।’’
भाषा रमण अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
