नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) स्बरबैंक भारत और रूस के 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य में मदद करेगा।
स्बरबैंक के कार्यकारी निदेशक मंडल के फर्स्ट डिप्टी चेयरमैन अलेक्जेंडर वेड्याखिन ने बुधवार को कहा कि बैंक भारतीय कंपनियों को कारोबार बढ़ाने और इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।
बयान के अनुसार, व्यापार का विस्तार करने के लिए बैंक ने रूस में अपने कारोबार को स्थानीय बनाने की योजना बना रहे भारतीय उद्यमियों के लिए एक मार्ग प्रशस्त किया है। रूसी व्यवसायों के लिए बैंक नियमित रूप से भारतीय बाजार की संभावनाओं पर सारांश तैयार करता है।
रूस का स्बरबैंक भारत में 15 साल से काम कर रहा है और इसकी दिल्ली और मुंबई में उपस्थिति है। इसके अलावा इसने बेंगलुरु में एक आईटी केंद्र भी स्थापित किया है।
अलेक्जेंडर ने कहा, ‘‘ 2020 में भारत की ओर रुझान शुरू हुआ और हम भारतीय एजेंडा को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहे हैं। हमारा लक्ष्य 2030 तक दोनों देशों के बीच 100 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार हासिल करना है। ’’
उन्होंने कहा कि रूसी-भारतीय आर्थिक साझेदारी में काफी संभावनाएं हैं, लेकिन अभी तक इसका केवल एक हिस्सा ही साकार हो पाया है। व्यापार कारोबार का 99 प्रतिशत जो वर्तमान में 63 अरब अमेरिकी डॉलर है। ऊर्जा संसाधनों के माध्यम से होता है। इसमें विविधता लाने की जरूरत है।
भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में 68.7 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच गया, जो वैश्विक महामारी के पहले के 10.1 अरब अमेरिकी डॉलर से करीब 5.8 गुना अधिक है।
इसमें भारत का 4.88 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात और रूस से 63.84 अरब अमेरिकी डॉलर का आयात शामिल है।
भाषा निहारिका अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
