scorecardresearch
Tuesday, 10 March, 2026
होमदेशअर्थजगतसरकार ने विनिर्माण इकाइयों से संबंधित मुद्दों की समीक्षा के लिए समिति बनाई

सरकार ने विनिर्माण इकाइयों से संबंधित मुद्दों की समीक्षा के लिए समिति बनाई

Text Size:

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) केंद्र सरकार ने अमेरिका में भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाए जाने के बीच विनिर्माण इकाइयों के लिए कर एवं निर्यात मंजूरी से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करने और व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने के उपाय सुझाने के लिये एक समिति गठित की है।

एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि इस समिति में वित्त मंत्रालय, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), वाणिज्य विभाग, विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) और भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि शामिल हैं।

उद्योग मंडलों, भारतीय निर्यात संगठन महासंघ, निर्यात संवर्धन परिषदों और परामर्शदात्री संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी इस समिति में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।

इस समिति के दो माह के भीतर अपनी रिपोर्ट देने की संभावना है।

विनिर्माण पर गठित समिति मौजूदा कर ढांचे (सीमा शुल्क और निर्यात प्रोत्साहन दोनों) तथा निर्यात मंजूरी प्रक्रियाओं का अध्ययन कर यह आकलन करेगी कि इनका विनिर्माण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा और निर्यात प्रदर्शन पर किस तरह का असर पड़ रहा है। जरूरत पड़ने पर इसमें सुधार या विकल्प भी सुझाए जाएंगे।

इसके अलावा यह समिति इंजीनियरिंग, दवा, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य, वस्त्र, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण जैसे उच्च संभावना वाले क्षेत्रों में विशेष चुनौतियों की पहचान करेगी और वैश्विक सर्वोत्तम व्यवहार का अध्ययन कर ठोस नीतिगत सुधारों की सिफारिश करेगी।

भारत के श्रम-प्रधान उत्पादों को अमेरिकी बाजार में वियतनाम, बांग्लादेश और थाइलैंड जैसे देशों की तुलना में अधिक नुकसान झेलना पड़ रहा है क्योंकि अन्य देशों के मुकाबले उन पर अपेक्षाकृत अधिक शुल्क लग रहा है।

भारत का कुल वस्तु निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 में 4,37 अरब डॉलर था जिसमें अमेरिका की हिस्सेदारी 86.5 अरब डॉलर के साथ लगभग 20 प्रतिशत थी।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments