शिमकेंट, 29 अगस्त (भाषा) युवा पिस्टल निशानेबाज राजकंवर सिंह संधू ने शुक्रवार को यहां एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में 25 मीटर सेंटर फायर स्पर्धा में शीर्ष स्थान किया, जबकि पूर्व विश्व चैंपियन अंकुर मित्तल ने डबल ट्रैप में स्वर्ण पदक जीता।
भारत ने इस तरह से गैर-ओलंपिक स्पर्धाओं में अपना दबदबा जारी रखा।
भारत ने महिला डबल ट्रैप में भी क्लीन स्वीप किया। इसमें अनुष्का भाटी (93), प्रणिल इंगले (89) और हाफिज कॉन्ट्रैक्टर (87) ने शीर्ष तीन स्थान हासिल किये। इस तिकड़ी ने 269 के कुल स्कोर के साथ टीम स्वर्ण पदक भी जीता।
तेरह अगस्त को 23 साल के हुए संधू ने हमवतन अनुभवी निशानेबाज गुरप्रीत सिंह के साथ कोरिया और ईरान के निशानेबाजों को पछाड़ कर 583 (प्रिसिशन 289, रैपिड 294) अंकों के साथ अपने करियर का सबसे बड़ा पदक जीता।
इससे पहले 2018 और 2022 में जूनियर विश्व कप में क्रमशः कांस्य और रजत जीतने वाले संधू का सीनियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह पहला पदक है।
सेना के अनुभवी गुरप्रीत सिंह (579) चौथे स्थान पर रहे जबकि कोरिया के जेक्योन ली (580) और ईरान के जावद फोरोगी (579) ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीता।
गुरप्रीत के लगातार दूसरे दिन अच्छे प्रदर्शन से भारत ने टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता
उन्होंने इस से पहले बृहस्पतिवार को 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतने और टीम वर्ग में भी देश को शीर्ष पोडियम स्थान दिलाने में मदद की थी।
रियो ओलंपिक (2016) खेलों में रैपिड-फायर पिस्टल फाइनल में जगह बनाने के करीब पहुंच चुके इस ओलंपिक खिलाड़ी का प्रिसिशन और रैपिड चरण का संयुक्त स्कोर 579 था। गुरप्रीत, संधू (583) और अंकुर (571) की तिकड़ी ने 1733 अंक के साथ दबदबा बनाते हुए टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक हासिल किया।
वियतनाम (1720) और ईरान (1700) ने इस स्पर्धा में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीता।
भारत के सर्वश्रेष्ठ डबल-ट्रैप निशानेबाजों में शुमार अंकुर मित्तल ने 107 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। इस स्पर्धा का रजत और कांस्य पदक क्रमशः कजाकिस्तान के आर्टेम चिकुलायेव (98) और अहमद अलफस्सी (96) के खाते में गया।
अंकुर के शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम इस स्पर्धा में कांस्य पदक ही जीत सकी। अंकुर (107), भानु प्रताप सिंह (82) और हर्षवर्धन कविया (75) की तिकड़ी ने कुल 264 अंक हासिल किये।
युवा भारतीय निशानेबाज मानिनी कौशिक ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल प्रोन स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल करने के साथ ही टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतने में भी अहम भूमिका निभाई।
मानिनी का व्यक्तिगत स्पर्धा में यह पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है।
जयपुर की 24 साल की इस निशानेबाज ने 617.8 के स्कोर के साथ व्यक्तिगत कांस्य पदक जीता। दक्षिण कोरिया की हाना इम (620.2) और यूनसेओ ली (620.2) ने क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीते।
मानिनी ने प्रतियोगिता में पांचवां स्थान हासिल किया था, लेकिन उनसे आगे रहने वाले दो निशानेबाज दक्षिण कोरिया की येलीन चोई (620.1) और भारत की सिफ्त कौर सामरा (617.9) सिर्फ रैंकिंग अंक (आरपीओ) के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे थे।
आरपीओ निशानेबाज केवल अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग अंक के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं।
मानिनी ने 10-10 शॉट के छह सीरीज में 104.0, 103.8, 101.2, 103.3, 103.2 और 102.3 का स्कोर किया।
उन्होंने 50 मीटर राइफल प्रोन (गैर-ओलंपिक स्पर्धा) में टीम को रजत पदक दिलाने में भी मदद की। मानिनी (617.8), सुरभि भारद्वाज (614.4) और विनोद विदर्सा (613.8) की तिकड़ी ने कुल 1846 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया। दक्षिण कोरिया (1856.8 अंक) ने स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाकिस्तान 1828.2 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
भारत की प्राची गायकवाड़ ने 616.6 के स्कोर के साथ जूनियर महिला 50 मीटर राइफल प्रोन में रजत पदक जीता। स्वर्ण पदक दक्षिण कोरिया की सेही ओह (618.6) ने जीता, जबकि कांस्य कजाकिस्तान की सोफिया मलकिना (616.3) को मिला।
प्राची (616.6), अनुष्का ठोकुर (607.6) और तेजल नथावत (599.2) की तिकड़ी ने कुल 1823.4 के साथ टीम कांस्य पदक जीता। दक्षिण कोरिया (1844 अंक) के साथ ने स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाकिस्तान (1830.1) ने रजत पदक अपने नाम किया।
मोहम्मद हातिम ने पुरुषों की जूनियर डबल ट्रैप स्पर्धा में 89 अंकों के साथ रजत पदक जीता, जबकि मानवराजसिंह चुडासमा (87) को कांस्य पदक मिला।
हातिम (89), मानवराजसिंह (87) और विनय प्रताप सिंह (81) की तिकड़ी ने टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता।
भाषा
आनन्द नमिता
नमिता
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