ढाका, 29 अगस्त (भाषा)बांग्लादेश की एक अदालत ने 1971 के मुक्ति संग्राम के कई योद्धाओं सहित 16 लोगों को सख्त आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत जेल भेज दिया।
यह फैसला उस घटना के एक दिन बाद आया है, जब एक भीड़ ने कथित तौर पर राजधानी में निर्धारित सार्वजनिक चर्चा को बाधित किया था।
दंडाधिकारी फरजाना हक ने उन्हें हिरासत में लेने के लगभग 24 घंटे बाद अदालत में पेश किए जाने पर जेल भेजने का आदेश दिया।
पुलिस ने बृहस्पतिवार को उन्हें ‘‘लोक अव्यवस्था’’ से बचाने के लिए हिरासत में लिया था।
ढाका पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात कहा कि हिरासत में लिये गए लोगों के खिलाफ आतंकवाद रोधी अधिनियम-2009 के तहत कार्रवाई की गई है। हालांकि, उसने आरोपों की विस्तृत जानकारी नहीं दी।
अदालत में प्रस्तुत शुरुआती दस्तावेज के मुताबिक गिरफ्तार किए गए 16 लोगों में से कम से कम छह की उम्र 70 वर्ष से अधिक है।
मीडिया की खबरों के मुताबिक, जेल भेजे गए लोगों में पूर्व मंत्री और 1971 के मुक्तियोद्धा अब्दुल लतीफ सिद्दीकी, ढाका विश्वविद्यालय के कानून के प्रोफेसर हफीजुर रहमान कर्जन और पत्रकार मंजुरुल आलम पन्ना शामिल हैं।
बृहस्पतिवार की बैठक में शामिल स्वतंत्रता सेनानी और सेवानिवृत्त सरकारी सचिव अबू आलम शाहिद ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से कई 1971 के मुक्तियोद्धा हैं।
भाषा धीरज नरेश
नरेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
