बीजिंग, 28 अगस्त (भाषा) चीन की सेना ने बृहस्पतिवार को कहा कि हाल में हुई सकारात्मक और रचनात्मक सीमा वार्ता में 10 सूत्री सहमति बनने के बाद चीन और भारत को अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में मिलकर शांति और सौहार्द बनाए रखना चाहिए।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने 19 अगस्त को दिल्ली में भारत-चीन सीमा प्रश्न पर 24वें दौर की वार्ता की।
चीन के रक्षा प्रवक्ता झांग शियाओगांग ने वार्ता के परिणामों पर पहली बार टिप्पणी करते हुए कहा कि वार्ता के दौरान, 10 सूत्री आम सहमति बनी और दोनों पक्ष राजनयिक और सैन्य माध्यमों से सीमा प्रबंधन और नियंत्रण तंत्र का उपयोग करने पर सहमत हुए।
झांग ने कहा कि वार्ता के दौरान, दोनों पक्षों ने सकारात्मक और रचनात्मक भावना से चीन-भारत सीमा प्रश्न पर स्पष्ट और गहन विचारों का आदान-प्रदान किया और कई सहमतियों पर पहुंचे।
झांग ने कहा कि चूंकि इस वर्ष चीन और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ है, इसलिए दोनों पक्षों को द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक गति को और मजबूत करना चाहिए और दोनों बड़े देशों तथा पड़ोसियों के लिए आपसी सम्मान और विश्वास, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, साझा विकास और परस्पर लाभकारी सहयोग की भावना के साथ एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने का सही रास्ता तलाशना चाहिए।
डोभाल-वांग वार्ता से पांच ठोस परिणाम निकले, जिनमें ‘‘सीमा परिसीमन में शीघ्र परिणाम’’ की संभावना तलाशने के लिए परामर्श और समन्वय कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) के तहत एक विशेषज्ञ समूह का गठन शामिल है।
भाषा वैभव पवनेश
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