नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) दो स्टार्टअप पिक्सल स्पेस और ध्रुव स्पेस ने बुधवार को कैलिफोर्निया के ‘वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस’ से स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए सफलतापूर्वक अपने उपग्रहों का प्रक्षेपण किया।
पिक्सल के तीन ‘फायरफ्लाई’ उपग्रहों के प्रक्षेपण से स्टार्टअप के छह हाइपरस्पेक्ट्रल उपग्रहों के समूह के पहले चरण का समापन हो गया, जो पृथ्वी पर अधिक करीबी और स्पष्ट नजर रख सकेंगे।
बेंगलुरु से संचालित अंतरिक्ष स्टार्टअप ‘पिक्सल स्पेस’ के संस्थापक एवं सीईओ अवैस अहमद ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सभी 3 ‘फायरफ्लाई’ सफलतापूर्वक तैनात किए गए हैं।’’ पिक्सल ने इस साल जनवरी में तीन ‘फायरफ्लाई’ उपग्रह प्रक्षेपित किए थे।
हैदराबाद स्थित ध्रुव स्पेस भी अपने पहले वाणिज्यिक लीप-01 (एलईएपी-01) उपग्रह को प्रक्षेपित कर रहा है। लीप-01 मिशन में ऑस्ट्रेलिया की कंपनियों अकुला टेक और एस्पर सैटेलाइट्स के पेलोड शामिल हैं।
अहमद ने कहा, ‘‘जो पहले अदृश्य था, वह अब मापने योग्य है, और जो मापने योग्य है, उसे अंततः बदला जा सकता है, ताकि आने वाले समय में सभी के लिए एक बेहतर दुनिया बन सके।’’
‘पिक्सल स्पेस’ के सह-संस्थापक क्षितिज खंडेलवाल ने कहा, ‘‘हालांकि कई अन्य उपग्रहों पर काम चल रहा है, लेकिन आगामी ‘हनीबीज’ विशेष हैं क्योंकि ये हमें विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम में और आगे ले जाएंगे, तथा हाइपरस्पेक्ट्रल क्षमताओं को बढ़ाएंगे।’’
कंपनी ने एक बयान में कहा कि एक समूह के रूप में कार्य करते हुए, ‘फायरफ्लाई’ सामूहिक रूप से अब तक तैनात सबसे उन्नत वाणिज्यिक हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग प्रणाली बनाते हैं।
प्रत्येक उपग्रह 40 किलोमीटर के क्षेत्र में पांच मीटर ‘रिजॉल्यूशन’ पर 135 से अधिक स्पेक्ट्रल बैंड पर नजर रख सकता है जिससे वैज्ञानिकों और सरकारों को पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र में परिवर्तनों का सटीकता के साथ पता लगाने में मदद मिलती है।
भाषा
देवेंद्र मनीषा
मनीषा
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