मुंबई, 24 अगस्त (भाषा) कर्मचारी अतिरिक्त लाभ या लचीलेपन के बिना काम के घंटे बढ़ाने के खिलाफ हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक 44 प्रतिशत प्रतिभागियों का कहना है कि इसका व्यक्तिगत समय और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
कार्यबल सेवाओं और मानव संसाधन समाधान प्रदाता जीनियस एचआरटेक (जिसे पहले जीनियस कंसल्टेंट्स के नाम से जाना जाता था) के एक सर्वेक्षण के अनुसार 40 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे उचित पारिश्रमिक की पेशकश पर ही लंबे समय तक काम करने पर विचार करेंगे।
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि केवल 16 प्रतिशत ने कहा कि वे या तो इसे आजमाने के लिए तैयार हैं या मानते हैं कि इससे उत्पादकता बढ़ सकती है।
ये निष्कर्ष 1-31 जुलाई के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के 2,076 कर्मचारियों के बीच किए गए ऑनलाइन सर्वेक्षण पर आधारित हैं।
लगभग 79 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे काम के घंटों में किसी भी बदलाव के लिए विचार-विमर्श में सक्रिय रूप से शामिल होना चाहेंगे।
जीनियस एचआरटेक के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक आर पी यादव ने कहा कि आधुनिक कार्यबल बदलाव का विरोधी नहीं है, वे निष्पक्षता, सहानुभूति और संवाद चाहते हैं।
भाषा पाण्डेय रमण
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