(लक्ष्मी देवी ऐरे)
नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) पारादीप फॉस्फेट्स लिमिटेड का लक्ष्य एक साल के भीतर सालाना एक करोड़ बोतल नैनो उर्वरक का उत्पादन करना है। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुरेश कृष्णन ने यह जानकारी दी।
गौरतलब है कि उर्वरक उद्योग देश की 60 लाख टन आयात निर्भरता कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
भुवनेश्वर स्थित इस कंपनी ने पिछले साल नैनो उर्वरक की 15 लाख बोतल बेची थीं और इस साल 35 लाख बोतल तक पहुंचने की उम्मीद है। उच्च दक्षता वाले पोषक तत्वों के उत्पादन में 20-25 प्रतिशत सालाना वृद्धि का लक्ष्य है।
कृष्णन ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा, ”हम देख रहे हैं कि कुछ अनुप्रयोगों के लिए नैनो को बहुत अच्छी तरह से स्वीकार किया जा रहा है। हमारा मानना है कि नैनो भारतीय कृषि के लिए एक बड़ी सफलता होगी।”
नैनो-उर्वरक, विशेष रूप से नैनो-यूरिया और नैनो-डीएपी, पारंपरिक मृदा पोषक तत्वों की तुलना में अधिक पोषक तत्व उपयोग दक्षता देते हैं।
उन्होंने कहा कि यह तकनीक महाराष्ट्र, कर्नाटक, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी भारत सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्वीकार्यता प्राप्त कर रही है।
इस समय नैनो-उर्वरक क्षमता चार लाख बोतल प्रति माह है, जो सालाना 50 लाख बोतलों के बराबर है। कंपनी की योजना एक साल के भीतर इसे दोगुना करके एक करोड़ बोतल करने की है।
कृष्णन ने कहा, ”हमारा पूरा नैनो उत्पाद उत्तर भारत में बन रहा है। इसलिए, हम जल्द ही दक्षिण भारत में भी उतरेंगे। मुझे लगता है कि अगले तीन वर्षों में आप देखेंगे कि हमारी ओर से कर्नाटक में निश्चित रूप से एक करोड़ अतिरिक्त बोतलों का क्षमता निर्माण शुरू हो जाएगा।”
भाषा पाण्डेय रमण
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