पोर्ट ब्लेयर, 23 अगस्त (भाषा) अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में ‘होमस्टे’ आगंतुकों को स्थानीय जनजातीय व्यंजन और द्वीपसमूह के इतिहास एवं संस्कृति के बारे में कहानी सुनाने के लिए विशेष सत्र की पेशकश कर सकते हैं। पर्यटन अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पर्यटन अधिकारियों ने बताया कि हालांकि बहुत से जनजातीय व्यंजन अब लुप्त हो चुके हैं, लेकिन कुछ व्यंजन आज भी प्रचलित हैं और उन्हें पर्यटकों को परोसा जाएगा ताकि उनका अनुभव यादगार बन सके।
शुक्रवार को पर्यटन विभाग ने पंजीकृत होमस्टे मालिकों के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें पर्यटकों के लिए होमस्टे की गुणवत्ता कैसे बेहतर की जाए, इस पर चर्चा हुई।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”हमारा उद्देश्य है कि होमस्टे को एक संपूर्ण अनुभव के रूप में पेश किया जाए, जिसमें आरामदायक रुकने की व्यवस्था, खास स्थानीय व्यंजन, ग्रामीण जीवन का अनुभव और स्वच्छ, टिकाऊ पर्यटन शामिल हो।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे स्थानीय लोगों की भागीदारी के जरिए अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि द्वीपों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है।
पर्यटन विभाग की आयुक्त एवं सचिव चंचल यादव ने कहा, ”आजकल पर्यटक केवल ठहरने की जगह नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, स्वादिष्ट भोजन और लोगों से जुड़ाव जैसी चीजें का अनुभव करना भी चाहते हैं।”
भाषा
योगेश पाण्डेय
पाण्डेय
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