रांची, 22 अगस्त (भाषा) झारखंड के विधायकों ने शुक्रवार को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की मांग की और आदिवासी आंदोलन में उनके योगदान की सराहना की।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सह-संस्थापक शिबू सोरेन का चार अगस्त को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया था। आदिवासी नेता के रूप में शिबू सोरेन ने झारखंड के निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी।
उनके निधन से उस राजनीतिक युग का अंत हो गया, जिसने आदिवासी आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि दिलाई।
विधानसभा में जारी मानसून सत्र के दौरान, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने ‘गुरुजी’ के नाम से लोकप्रिय शिबू सोरेन के योगदान को रेखांकित करते हुए सदन से आग्रह किया कि वह उन्हें भारत रत्न प्रदान करने के लिए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव लाए।
यादव ने कहा, ‘‘मैं सदस्यों से आग्रह करता हूं कि शिबू सोरेन जी के अपार योगदान को देखते हुए उन्हें भारत रत्न प्रदान करने और राज्य के स्कूली पाठ्यक्रम में उनकी जीवनी को शामिल करने की मांग करते हुए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित करें।’’
इस प्रस्ताव का कई विधायकों ने समर्थन किया। झारखंड कांग्रेस ने पहले मांग की थी कि पूर्व मुख्यमंत्री को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाए, उनके नाम पर एक आदिवासी विश्वविद्यालय स्थापित किया जाए और उनके आवास को विरासत स्थल घोषित किया जाए।
शिबू सोरेन को भारत रत्न दिए जाने की मांग के बारे में पूछे जाने पर, उनके पुत्र और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह सदन की भावना है और सदन इस पर निर्णय लेगा।
इससे पहले, शोक प्रस्ताव पर जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) विधायक सरयू राय ने कहा कि अमूल्य योगदान के मद्देनजर शिबू सोरेन राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान के हकदार हैं।
नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने उन्हें समाज सुधारक बताया, जबकि आजसू पार्टी के निर्मल महतो ने शिबू सोरेन को भारत रत्न दिए जाने की मांग दोहराई।
विधायक अरूप चटर्जी और जयराम महतो ने विधानसभा परिसर और पारसनाथ हिल्स में शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने की मांग उठाई।
इससे पहले, सदन के नेता हेमंत सोरेन ने याद दिलाया कि कैसे शिबू सोरेन ने गरीबों और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए सामंती शोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कैसे शिबू सोरेन जून 2020 में राज्यसभा के लिए चुने जाने के अलावा दुमका से कई बार निचले सदन के लिए चुने गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में ‘गुरुजी’ ने केंद्रीय कोयला मंत्री के रूप में कार्य किया।
भाषा संतोष दिलीप
दिलीप
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