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Thursday, 5 March, 2026
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अमेरिकी शुल्क का नालको पर कोई असर नहीं होगा, कंपनी की नजर ब्रिटेन के बाजार पर: सीएमडी

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भुवनेश्वर, 19 अगस्त (भाषा) नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लि. (नालको) ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी शुल्क से उसके कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने यह भी कहा कि वह ब्रिटेन के साथ व्यापार पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां शुल्क शून्य है।

नालको के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) बृजेंद्र प्रताप सिंह ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कंपनी का एकल आधार पर शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 77 प्रतिशत बढ़कर 1,064 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 601 करोड़ रुपये था।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में परिचालन राजस्व 3,807 करोड़ रुपये रहा।

सिंह ने कहा, ‘‘ब्रिटेन में इलेक्ट्रिक वाहन और सौर पैनल निर्माण के लिए एक मजबूत बाजार है और दोनों ही एल्युमीनियम पर बहुत अधिक निर्भर हैं। यह हमारे लिए अपनी उपस्थिति बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर पेश करता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिकी शुल्क वृद्धि से नालको के कारोबार पर किसी भी तरह का असर नहीं पड़ेगा। बल्कि, हम ब्रिटेन में अवसर तलाश रहे हैं, जहां शुल्क शून्य है।’’

सिंह ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में कंपनी ने घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों में मजबूत वृद्धि के दम पर एल्युमिना और एल्युमीनियम की अब तक की सबसे अधिक घरेलू बिक्री दर्ज की है।

उन्होंने कहा कि कंपनी अगले साल जून तक ओडिशा के कोरापुट जिले में अपनी पोट्टांगी बॉक्साइट खदानों का परिचालन शुरू करने की योजना बना रही है।

सिंह ने कहा कि पोट्टांगी बॉक्साइट खदानों के लिए निविदा इस साल सितंबर या अक्टूबर तक प्रदान की जाएगी और अगले जून तक खदानों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।’’

कुल 697.98 हेक्टेयर में फैले इस ब्लॉक की वार्षिक उत्पादन क्षमता 35 लाख टन है और इसका अनुमानित भंडार 11.1 करोड़ टन है।

भाषा रमण अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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