नयी दिल्ली, एक अगस्त (भाषा) दामोदर वैली कॉरपोरेशन और उड़ीसा अलॉय स्टील प्राइवेट लिमिटेड समेत सात कंपनियों को वाणिज्यिक खदानों की नीलामी के 12वें दौर में कोयला ब्लॉक मिले हैं। शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
सरकार ने मार्च में कोयला ब्लॉकों की नीलामी के 12वें दौर की शुरुआत की थी, जिसमें उन सात ब्लॉकों के लिए बोलियां आमंत्रित की गई थीं, जिनमें लगभग 176.15 करोड़ टन का संयुक्त भूवैज्ञानिक भंडार है।
इन ब्लॉकों की संचयी अधिकतम निर्धारित क्षमता (पीआरसी) 52.5 लाख टन प्रति वर्ष है, जिसमें आंशिक रूप से अन्वेषित कोयला ब्लॉक शामिल नहीं हैं।
नीलामी में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी गई, जिससे औसत राजस्व हिस्सेदारी 26.70 प्रतिशत रही।
कोयला मंत्रालय ने बयान में कहा, “यह कोयला क्षेत्र में उद्योगों की निरंतर रुचि और एक स्थिर एवं पारदर्शी नीतिगत ढांचा प्रदान करने के मंत्रालय के प्रयासों को दर्शाता है।”
इन ब्लॉकों से 719.90 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व उत्पन्न होने की उम्मीद है (आंशिक रूप से खोजे गए ब्लॉकों को छोड़कर), लगभग 787.50 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आकर्षित होने की संभावना है। इनसे 7,098 रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
साल 2020 में वाणिज्यिक कोयला खनन की शुरुआत के बाद से, कुल 131 कोयला ब्लॉकों की नीलामी की जा चुकी है, जिनकी उत्पादन क्षमता 27.73 करोड़ टन प्रति वर्ष है।
चालू होने पर, ये ब्लॉक घरेलू कोयला उत्पादन को बढ़ाने और देश को कोयला क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। कुल मिलाकर, इन ब्लॉकों से 39,359 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व, 41,597 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश और कोयला-उत्पादक क्षेत्रों में 3,74,916 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
भाषा अनुराग पाण्डेय
पाण्डेय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.