scorecardresearch
Wednesday, 22 April, 2026
होमदेशराष्ट्रपति ने भारत को सिकल सेल एनीमिया से मुक्त कराने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया

राष्ट्रपति ने भारत को सिकल सेल एनीमिया से मुक्त कराने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया

Text Size:

बड़वानी (मप्र), 19 जून (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिकल सेल एनीमिया से भारत की आदिवासी आबादी के गंभीर रूप से प्रभावित होने का उल्लेख करते हुए बृहस्पतिवार को भारत को इस बीमारी से मुक्त कराने के लिए सभी हितधारकों से मिलकर काम करने का आह्वान किया।

उन्होंने इस बीमारी के उन्मूलन की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना भी की।

मुर्मू को बृहस्पतिवार को बड़वानी जिले के तलुन गांव में राष्ट्रीय ‘सिकल सेल’ उन्मूलन मिशन-2047 के एक कार्यक्रम में शामिल होना था लेकिन दिल्ली में खराब मौसम के कारण उनका यह दौरा निरस्त हो गया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने भेजे अपने संदेश में भारत को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाने के लिए सभी भागीदारों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, उन्होंने बड़वानी में ‘विश्व सिकल सेल रोग जागरूकता दिवस’ आयोजित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार सराहना की।

उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करने वाली सिकल सेल एनीमिया, भारत में जनजातीय आबादी को विशेष रूप से प्रभावित करती है। इसके विरुद्ध दृढ़ संकल्प के साथ लड़ने की दिशा में इस दिवस का मनाया जाना एक महत्वपूर्ण कदम है।’’

सिकल सेल बीमारी खून की एक आनुवंशिक (वंशानुगत) बीमारी है। इस बीमारी में लाल रक्त कोशिकाएं अपनी सामान्य गोल और लचीली शक्ल की जगह अर्धचंद्र (सिकल) जैसी बन जाती हैं।

भारत को इस बीमारी से मुक्त कराने के लिए सभी हितधारकों से मिलकर काम करने का आह्वान करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक है कि सभी नागरिक स्वस्थ रहें, क्योंकि केवल स्वस्थ नागरिक ही देश के जीवन की प्रगति में प्रभावी योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हम सब निरंतर एकजुट होकर कार्य करें। जब सभी हितधारक मिलकर एक सतत, समर्पित और मानवीय दृष्टिकोण से कार्य करेंगे, तभी इस समस्या का जड़ से उन्मूलन संभव हो पाएगा।”

राष्ट्रपति ने कहा कि दशकों से हमारे आदिवासी समुदाय और पिछड़े क्षेत्रों में कई लोग सिकल सेल एनीमिया का कष्ट झेलते रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘बीमारी के एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक प्रसार को रोकने के लिए समुदाय स्तर पर स्क्रीनिंग द्वारा पहचान कर जेनेटिक काउंसलिंग एवं प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है।’’

मुर्मू ने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया मुक्ति मिशन के अंतर्गत सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित लोगों के लिए एकीकृत उपचार केन्द्र स्थापित किए गए हैं, जहां पर रोगियों को आवश्यक औषधियां निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत हो रहे प्रयासों से राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई जनजातीय समुदायों में बीमारी की पहचान समय पर हो रही है जिससे इलाज और जीवन की गुणवत्ता में सुधार भी हो रहा है।’’

भाषा ब्रजेन्द्र नोमान

नोमान

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments