नयी दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) विश्व कप 1990 चैम्पियन नीदरलैंड के साइमन जिज्प के साथ भुवनेश्वर में एफआईएच प्रो लीग से ठीक पहले सप्ताह भर के गोलकीपिंग शिविर से भारतीय महिला टीम को बेहतर प्रदर्शन में काफी मदद मिली ।
शिविर में अनुभवी सविता पूनिया, बिछू देवी खारीबाम और युवा बांसरी सोलंकी ने भाग लिया जिसमें फोकस तकनीकी कौशल, मैच जागरूकता और मानसिक अनुकूलन पर था ।
साइमन नीदरलैंड की महिला और पुरूष टीमों के साथ काम कर चुके हैं । वह 2016 , 2020 और 2024 ओलंपिक में गोलकीपिंग कोच थे जब नीदरलैंड ने महिला और पुरूष दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक हासिल किया ।
भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच हरेंद्र सिंह ने कहा ,‘‘ तीनों गोलकीपरों के लिये यह शानदार शिविर था । इससे उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ उन्होंने इस पर फोकस किया कि एक गोलकीपर कैसे सोचता है । जब गेंद सर्कल में है तो उसकी मानसिकता कैसी होनी चाहिये । मैं साइमन का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने इस शिविर के लिये समय निकाला ।’’
भारत की पूर्व कप्तान सविता ने कहा ,‘‘हमें प्रो लीग के लिये अपने हुनर को निखारने में इस शिविर से काफी मदद मिली । इससे छोटे लेकिन प्रभावी तकनीकी सामंजस्य करने में मदद मिली जिसका दबाव वाले हालात में फायदा मिला ।’’
उन्होंने हॉकी इंडिया द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा ,‘‘ हमने स्ट्राइकर के मूवमेंट और उसके अनुरूप प्रतिक्रिया देने पर भी काम किया जिससे मैच प्ले और शूटआउट में काफी फायदा हुआ ।’’
भारतीय टीम ने प्रो लीग के घरेलू चरण में आठ मैच खेलकर तीन जीते और पांच हारे । फिलहाल टीम आठ मैचों में नौ अंक लेकर छठे स्थान पर है ।
भाषा मोना आनन्द
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