नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) देश में अच्छे कोचों का बड़ा पूल तैयार करने और पूर्व एलीट खिलाडि़यों को फिर खेलों से जोड़ने की कवायद में खेल मंत्रालय ‘विशेष क्षमता निर्माण कोर्स’ शुरू करेगा जिसमें आधुनिक कोचिंग तकनीक, खेल विज्ञान और नेतृत्व क्षमता पर विशेष फोकस किया जायेगा ।
भारतीय खेल प्राधिकरण और एनआईएस पटियाला द्वारा आयोजित इस पाठ्यक्रम में केंद्र सरकार के विभिन्न उपक्रमों में खेल कोटे से कार्यरत पूर्व एलीट खिलाड़ियों भाग ले सकेंगे जिसके लिये न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक हैं ।
खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने यहां पत्रकारों से कहा ,‘‘ देश में अच्छे पेशेवर कोचों की कमी है जिसको देखते हुए हमारे पूर्व खिलाड़ियों के लिये यह पाठ्यक्रम तैयार किया गया है जिनके अनुभव और कौशल की देश में खेलों को जरूरत है ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ कोचिंग एक चुनौतीपूर्ण कैरियर है और इसमें संवाद, नेतृत्व और रणनीतिक क्षमता की जरूरत होती है । यह विशेष कार्यक्रम पूर्व खिलाड़ियों को सक्षम कोच बनाने के लिये तैयार किया गया है ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ एलीट खिलाड़ियों में ओलंपिक, विश्व चैम्पियनशिप, एशियाई या राष्ट्रमंडल खेल या चैम्पियनशिप में पदक विजेता या प्रतिभागी या युवा ओलंपिक या जूनियर विश्व चैम्पियनशिप या विश्व यूनिवर्सिटी खेल में पदक विजेता या मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल महासंघ द्वारा कराई गई सीनियर राष्ट्रीय चैम्पियनशिप या भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा कराये गए राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता शामिल हैं ।’’
यह पाठ्यक्रम चार सर्टिफिकेशन स्तरों फाउंडेशन, प्री इंटर मीडिएट , इंटरमीडिएट और एडवांड स्तर पर होगा ।
खेलमंत्री ने बताया कि नौकरी करते हुए भी उम्मीदवार इसे दो वर्ष के भीतर पूरा कर सकेंगे ।
उन्होंने कहा ,‘‘ यह हाइब्रिड ( दो सप्ताह आनलाइन और चार सप्ताह आफलाइन) या पूरी तरह से आफलाइन मोड में होगा । इसमें आधुनिक कोचिंग तकनीक, खेल विज्ञान, योगासन और नेतृत्व क्षमता पर जोर दिया जायेगा । न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक होगी ।’’
खेलमंत्री ने कहा कि इस पाठ्यक्रम से निकले चुनिंदा कोचों को विदेश में विशेष ट्रेनिंग के लिये भी भेजा जायेगा ।
भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी का आशय पत्र अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को सौंप चुका है और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का भी इच्छुक है ।
भाषा
मोना आनन्द
आनन्द
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