दुबई, 24 फरवरी (भाषा) भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने सभी खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट को अनिवार्य बनाने के भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के फैसले का समर्थन किया है लेकिन उन्होंने संतुलित दृष्टिकोण अपनाने का भी आग्रह किया है ताकि खिलाड़ियों को थकान नहीं हो।
पिछले साल अपने करियर को अलविदा कहने वाला यह खिलाड़ी मौजूदा चैंपियंस ट्रॉफी के चार ‘टूर्नामेंट दूत’ में से एक के रूप में यहां मौजूद है। भारत ने रविवार को पाकिस्तान को छह विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है।
धवन मैच देखने के बाद भारतीय ड्रेसिंग रूम में भी गए। मैच के दौरान मीडिया से बात करते हुए उनसे पूछा गया कि क्या बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के लिए रणजी ट्रॉफी खेलों में भाग लेना अनिवार्य करके सही काम किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत अच्छा फैसला है। मेरी एक ही बात है कि खिलाड़ियों पर अत्यधिक बोझ नहीं डाला जाना चाहिए। लेकिन लोग इस पर नजर रखेंगे। ’’
धवन ने कहा, ‘‘यह अच्छी बात है कि मौजूदा खिलाड़ियों को घरेलू मैच भी खेलना चाहिए जैसे विराट (कुछ सप्ताह पहले दिल्ली के लिए) खेले थे और स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था। साथ ही उन्हें काफी आराम भी मिलना चाहिए। ’’
बीसीसीआई का यह निर्देश भारत के ऑस्ट्रेलिया के निराशाजनक टेस्ट दौरे के बाद आया है जिसमें टीम 1-3 से हार गई थी और एक दशक में पहली बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवा बैठी।
बोर्ड के निर्देश के बाद रोहित शर्मा, कोहली और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों ने चैंपियंस ट्रॉफी से पहले अपनी राज्य टीमों के लिए कम से कम एक मैच खेला।
धवन ने रोहित की प्रशंसा की जो अब तक काफी अच्छी फॉर्म में दिख रहे हैं। कप्तान रोहित पाकिस्तान के खिलाफ मैच में 20 रन पर आउट हो गए, लेकिन धवन ने इसका सकारात्मक पक्ष देखा।
उन्होंने कहा, ‘‘वह आउट हो गए लेकिन उन्होंने ऐसा जोश पैदा किया जिसका दूसरों ने फायदा उठाया।’’
39 वर्षीय धवन ने कहा कि 2013 से शुरू हुए अपने करियर में उन्होंने जो कुछ भी हासिल किया, उससे वह संतुष्ट हैं। उन्होंने भारत के लिए 34 टेस्ट, 167 वनडे और 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और सभी प्रारूपों में 10,000 से अधिक रन बनाए।
भाषा नमिता पंत
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