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Thursday, 30 April, 2026
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थोक महंगाई जनवरी में घटकर 2.31 प्रतिशत पर

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नयी दिल्ली, 14 फरवरी (भाषा) खाद्य वस्तुओं खासकर सब्जियों की कीमतों में गिरावट से थोक मुद्रास्फीति मासिक आधार पर जनवरी में घटकर 2.31 प्रतिशत हो गई। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर 2024 में 2.37 प्रतिशत और जनवरी 2024 में 0.33 प्रतिशत थी।

आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की महंगाई जनवरी में घटकर 5.88 प्रतिशत रह गई, जबकि दिसंबर 2024 में यह 8.47 प्रतिशत थी। सब्जियों की महंगाई उल्लेखनीय रूप से घटकर 8.35 प्रतिशत रह गई, जबकि दिसंबर 2024 में यह 28.65 प्रतिशत थी।

आलू की महंगाई 74.28 प्रतिशत पर उच्च स्तर पर बनी रही और प्याज की मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 28.33 प्रतिशत हो गई। इस दौरान टमाटर की कीमतों में गिरावट आई।

अंडा, मांस और मछली श्रेणी में मुद्रास्फीति बीते महीने के 5.43 प्रतिशत से घटकर 3.56 प्रतिशत रह गई।

ईंधन तथा बिजली श्रेणी में जनवरी में मुद्रास्फीति 2.78 प्रतिशत घटी जबकि दिसंबर में यह 3.79 प्रतिशत थी। विनिर्मित वस्तुओं में मुद्रास्फीति दिसंबर 2024 के 2.14 प्रतिशत की तुलना में जनवरी 2025 में 2.51 प्रतिशत हो गई।

खुदरा मुद्रास्फीति के बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति जनवरी में घटकर पांच महीने के निचले स्तर 4.31 प्रतिशत पर आ गई।

इक्रा के वरिष्ठ अर्थशास्त्री राहुल अग्रवाल ने कहा, ”हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2024-25 में थोक मुद्रास्फीति औसतन 2.4 प्रतिशत रहेगी और वित्त वर्ष 2025-26 में तीन प्रतिशत तक रहेगी।”

केयर रेटिंग्स की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा के अनुसार मौसमी सुधार के कारण आने वाले महीनों में खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी आने की संभावना है। हालांकि, वैश्विक जिंस कीमतों के मोर्चे पर कुछ बाधाएं हैं।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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