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Wednesday, 29 April, 2026
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मांग निकलने, बिनौला सीड का दाम बढाने से अधिकतर तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

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नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) त्योहारी मांग निकलने तथा भारतीय कपास निगम (सीसीआई) द्वारा बिनौला सीड का दाम बढ़ाने के बीच बुधवार को अधिकांश तेल-तिलहनों में सुधार आया। इसके अलावा मलेशिया एक्सचेंज मजबूत होने से कच्चा पामतेल या सीपीओ और पामोलीन तेल के दाम भी मजबूत हुए।

बाजार सूत्रों के अनुसार सकारात्मक बाजार धारणा और मांग निकलने से खल के दाम बढ़ने के बीच मूंगफली एवं सोयाबीन तथा बिनौला तेल के दाम पूर्वस्तर पर बंद हुए।

मलेशिया एक्सचेंज में सुधार है। जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में घट-बढ़ चल रही है।

सूत्रों ने कहा कि होली त्योहार की वजह से मांग बढ़ने तथा बाकी खाद्यतेलों के मुकाबले सबसे सस्ता होने के कारण सरसों तेल की मांग है। इस वजह से सरसों तेल-तिलहन में मजबूती रही।

उन्होंने कहा कि सीसीआई ने बुधवार को बिनौला सीड के दाम में 100 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। इस वृद्धि के बाद खासकर मूंगफली, सूरजमुखी और बिनौला किसानों को फायदा मिला है। इसके बावजूद सीसीआई को अभी माल स्टॉक रखना चाहिये क्योंकि कपास का उत्पादन कम है।

सूत्रों ने कहा कि पिछले 3-4 महीनों से तेल के दाम बढ़ रहे हैं लेकिन सरकार को इस ओर ध्यान देना होगा कि इस वृद्धि के बावजूद मूंगफली, सोयाबीन और सूरजमुखी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे क्यों बिक रहे हैं। मिलावटी बिनौला खल का दाम नीचा होने के कारण मूंगफली, सोयाबीन तिलहन के दाम भी कमजोर हैं तथा हाजिर बाजार में इन तिलहनों के दाम एमएसपी से लगभग 25-26 प्रतिशत नीचे हैं।

इन तिलहनों के दाम एमएसपी से नीचे बिकने के असली कारणों को अगर खोज कर उसका समाधान कर लिया गया तो देश में तेल-तिलहन उत्पादन बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। इन तिलहनों के सही दाम नहीं मिलने से किसानों के साथ साथ सरकार को भी नुकसान है।

मलेशिया एक्सचेंज मजबूत होने से और दाम ऊंचा बोले जाने की वजह से पाम, पामोलीन तेल कीमतों में सुधार आया।

सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन डीगम तेल की आयात लागत 102.25 रुपये किलो बैठता है और पैसों की तंगी की वजह से आयातक लागत से कम दाम यानी 97.25 रुपये किलो के भाव बेच रहे हैं। इसकी वजह से सोयाबीन तेल के दाम पूर्ववत रहे। इसी तरह खल के दाम में सुधार के कारण बिनौला तेल के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 6,100-6,200 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 5,325-5,650 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 14,150 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,150-2,450 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,285-2,385 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,285-2,410 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,725 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,000 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,900 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,550 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,550 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 4,250-4,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 3,950-4,050 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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