कानपुर, 13 अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में साबरमती एक्सप्रेस के पटरी से उतरने और कालिंदी एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की कोशिश समेत हाल में हुए ट्रेन संबंधी हादसों में पुलिस की जांच में किसी आतंकवादी मंशा या वारदात की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस जांच से पता चला है कि ट्रेन के पटरी से उतरने और अन्य रेलगाड़ियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें दरअसल शरारती हरकतें थीं, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीर प्रकृति के मामले माना है।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) राजेश कुमार सिंह ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि गत 17 अगस्त को साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने और आठ सितंबर को ट्रेन के सामने रसोई गैस सिलेंडर रखे जाने के मामले की जांच में किसी आतंकवादी घटना की पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने कहा, ‘‘हाल में रेल की पटरियों पर खंभा, गैस सिलेंडर और अग्निशामक यंत्र समेत कई खतरनाक वस्तुएं रखे जाने की घटनाएं सामने आयी हैं लेकिन अभी तक हुई जांच में उनके पीछे कोई आतंकी मंशा सामने नहीं आयी है।’’
गत 17 अगस्त को अहमदाबाद जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन का इंजन कानपुर के गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन के पास पटरी पर रखी किसी चीज से टकरा गया था। उसके बाद ट्रेन के 20 डिब्बे पटरी से उतर गए थे, हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था।
इसके बाद आठ सितंबर को कानपुर के शिवराजपुर इलाके में प्रयागराज से भिवानी जा रही कालिंदी एक्सप्रेस का इंजन पटरी पर रखे रसोई गैस सिलेंडर से टकरा गया था।
भाषा सं. सलीम
खारी
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