इस्लामाबाद, तीन अक्टूबर (भाषा) पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को व्यवस्था दी कि संसद में सांसदों द्वारा अपनी पार्टी के निर्देश के विपरीत डाले गए वोटों की गणना हो सकती है। यह आदेश सरकार के लिए एक बड़ी राहत हो सकती है जो न्यायपालिका से संबंधित कानूनों में बदलाव के लिए एक संविधान संशोधन पर समर्थन जुटाना चाह रही है।
शीर्ष अदालत के पिछले फैसले में कहा गया था कि अपनी पार्टी के निर्देशों से हटकर मतदान करने वाले सांसदों के वोट गिने नहीं जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने संविधान के अनुच्छेद 63-ए के तहत दलबदल संबंधी खंड से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की थी।
पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश काजी फैज ईसा की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वसम्मति से एक फैसला सुनाया और पुनर्विचार याचिका को मंजूर कर लिया। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि विस्तृत फैसला बाद में जारी किया जाएगा।
भाषा वैभव माधव
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