(तस्वीर के साथ)
(शिरीष बी प्रधान)
काठमांडू, 24 अगस्त (भाषा) नेपाल में बस दुर्घटना में जान गंवाने वाले 27 भारतीय तीर्थयात्रियों का पोस्टमार्टम शनिवार को बागमती प्रांत के एक अस्पताल में किया जा रहा है। इसके बाद शव महाराष्ट्र ले जाए जाएंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मध्य नेपाल में एक भारतीय पर्यटक बस शुक्रवार को राजमार्ग से पलटकर 150 मीटर नीचे तेज बहाव वाली मर्स्यांगदी नदी में गिर गई, जिससे कम के कम 27 भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए। ये सभी तीर्थयात्री महाराष्ट्र से थे और नेपाल की 10 दिवसीय यात्रा पर आए थे।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टाराई ने बताया कि बागमती प्रांत के चितवन जिले में भरतपुर अस्पताल में पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
समाचार पोर्टल ‘माई रिपब्लिका’ की एक खबर में पुलिस उपाधीक्षक दीपक राय के हवाले से कहा गया है कि पोस्टमार्टम के लिए शवों को अन्बू खैरेनी अस्पताल से चितवन ले जाया गया।
महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को मुंबई में एक विज्ञप्ति में बताया था कि भारतीय वायु सेना का एक विमान शवों को आज नासिक लाएगा।
केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे शवों और घायलों की वापसी के अभियान पर नजर रखने के लिए काठमांडू पहुंच गयी हैं।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव और नेपाल के विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री बृघु धुंगाना के साथ बचाव अभियान और काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आगे की कार्रवाई पर चर्चा की।’’
उन्होंने हादसे में घायल हुए 16 लोगों की सूची भी साझा की जिनमें से ज्यादातर लोगों को ‘‘गंभीर’’ चोटें आयी हैं। घायलों में 10 महिलाएं जबकि छह पुरुष हैं।
बस दुर्घटना को ‘‘दुखद’’ बताते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लोगों की मौत पर शोक जताया।
ओली ने कहा, ‘‘अन्बू खैरेनी में हुए बस हादसे से बहुत दुखी हूं जिसमें पोखरा से काठमांडू जा रहे 27 भारतीय नागरिकों की मौत हो गयी। पीड़ित परिवारों तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति मेरी हार्दिक संवदेनाएं हैं।’’
नेपाल में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को राहत टेलीफोन नंबर जारी किए थे।
पुलिस के अनुसार, यह घटना नेपाल के चितवन जिले में अन्बू खैरेनी इलाके में दोपहर को हुई। यह बस गोरखपुर से थी और इसमें चालक और दो सहायकों समेत 43 यात्री सवार थे। बस पोखरा से काठमांडू की ओर जा रही थी।
‘द काठमांडू पोस्ट’ अखबार ने बताया कि नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल आर्मी के कर्मियों को दुर्घटनास्थल से घायलों तथा शवों को बाहर निकालने में करीब सात घंटे लगे।
नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के उप प्रवक्ता शैलेंद्र थापा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि 16 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी जबकि 11 लोगों की उपचार के दौरान मौत हो गयी।
उन्होंने बताया कि घायल हुए 16 लोगों को विमान से काठमांडू लाया गया और उन्हें त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। उनमें से छह की हालत गंभीर है।
अखबार की खबर में टीयू टीचिंग हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. दिनेश काफले के हवाले से कहा गया है, ‘‘एक व्यक्ति का आईसीयू में उपचार किया जा रहा है। कुछ गंभीर रूप से घायल मरीजों को शायद गहन चिकित्सा की आवश्यकता है और हम उनके लिए अतिरिक्त आईसीयू बेड की व्यवस्था कर रहे हैं।’’
हादसे की वजह का अभी पता नहीं चला है। दुर्घटना स्थल काठमांडू से करीब 90 किलोमीटर पश्चिम में राष्ट्रीय राजधानी पर स्थित है।
उत्तर प्रदेश की नंबर प्लेट वाली बस मर्स्यांगदी नदी के किनारे ऊंचाई पर स्थित एक सड़क से करीब 150 मीटर नीचे गिरी। बस को एक क्रेन की सहायता से बाहर निकाला जाएगा।
खबर के मुताबिक, बस में सवार यात्री 104 भारतीय तीर्थयात्रियों के एक समूह का हिस्सा थे, जो दो दिन पहले हिमालयी देश की 10-दिवसीय यात्रा के लिए तीन बसों में सवार होकर महाराष्ट्र से नेपाल पहुंचे थे।
अधिकारियों ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले मुंबई से 470 किलोमीटर दूर जलगांव जिले के वरणगांव, दरियापुर, तलवेल और भुसावल से थे।
भाषा गोला शोभना
शोभना
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
